बिहार में 8 साल के अंकुश का अपहरण, 10 लाख फिरौती; पहचान खुलने के डर से गंगा में फेंकने का दावा

वैशाली। राघोपुर थाना क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद पंचायत में आठ वर्षीय बच्चे के अपहरण और फिरौती मांगने का मामला सामने आने के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। बच्चे के परिजनों का आरोप है कि अपहरण के बाद बदमाशों ने उसकी हत्या कर शव को सिक्स लेन पुल के पाया नंबर 61 के पास गंगा नदी में फेंक दिया।

सूचना के बाद एसडीआरएफ की टीम नदी में बच्चे की तलाश कर रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जब तक बच्चे का शव बरामद नहीं हो जाता, तब तक उसकी हत्या की पुष्टि करना जल्दबाजी होगी।

घर के बाहर खेल रहा था बच्चा, अचानक हो गया लापता
घटना सोमवार दोपहर की बताई जा रही है। रामपुर श्यामचंद निवासी अनिल पंडित का आठ वर्षीय पुत्र अंकुश कुमार घर के दरवाजे के पास खेल रहा था।

दोपहर करीब 12 बजे वह अचानक लापता हो गया। स्वजनों ने आसपास और गांव में काफी खोजबीन की, लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला।

करीब तीन घंटे बाद दोपहर तीन बजे अनिल पंडित के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने बच्चे को छोड़ने के एवज में पहले 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी।

बाद में रकम घटाकर पांच लाख रुपये कर दी गई। साथ ही धमकी दी गई कि पैसे नहीं देने पर बच्चे को जान से मार दिया जाएगा।

परिजनों ने पुलिस पर लगाया शिकायत में देरी का आरोप
बच्चे के स्वजनों का आरोप है कि उन्होंने घटना की जानकारी तत्काल राघोपुर थाना पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

घर की महिलाओं का आरोप है कि जब वे थाना पहुंचीं तो उन्हें वापस भेज दिया गया और कहा गया कि घर के पुरुष को लेकर आएं।

इधर, ग्रामीण सूत्रों के अनुसार पुलिस ने मामले में एक महिला समेत चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।

पुलिस मनोज राय, उसकी पत्नी, बेटी समेत एक अन्य स्थानीय व्यक्ति से भी पूछताछ कर रही है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

कक्षा एक में पढ़ता था अंकुश, स्कूल बंद होने के दिन हुआ अपहरण
जानकारी के अनुसार अंकुश ने करीब एक साल पहले गांव के एक निजी विद्यालय में दाखिला लिया था और वह कक्षा एक में पढ़ता था।

ग्रामीणों के मुताबिक वह पढ़ाई में तेज था। सोमवार को स्कूल बंद होने के कारण वह घर के पास खेल रहा था, इसी दौरान उसके अपहरण की बात सामने आई।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि उस दिन स्कूल खुला होता तो शायद बच्चा घर के बाहर नहीं होता। घटना के बाद से परिवार और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। लोग बच्चे की सकुशल बरामदगी या घटना की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।

पहचान उजागर होने के डर से हत्या का दावा
ग्रामीण सूत्रों के अनुसार, एक स्थानीय किराना दुकानदार पर बच्चे को मोटरसाइकिल से पहाड़पुर बाजार ले जाने का आरोप है।बताया जा रहा है कि वहां एक व्यक्ति के मोबाइल से ओटीपी के जरिए व्हाट्सएप तैयार किया गया और उसी नंबर से बच्चे के स्वजन को फिरौती के लिए फोन किया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, स्वजन फिरौती की रकम देने के लिए तैयार हो गए थे। इसी दौरान बच्चे द्वारा अपहरणकर्ता को पहचान लेने की बात सामने आई। आरोप है कि पहचान उजागर होने के डर से बच्चे की हत्या कर उसके शव को सिक्स लेन पुल के पाया नंबर 61 के नीचे गंगा नदी में फेंक दिया गया। हालांकि, पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है और शव बरामद होने तक इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है।

गंगा में कई किलोमीटर तक SDRF का सर्च ऑपरेशन
बच्चे की हत्या और शव को गंगा में फेंके जाने की सूचना के बाद गांव में मातम का माहौल है। माता-पिता और स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने एसडीआरएफ को सूचना दी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और गंगा नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। एसडीआरएफ की टीम नदी में कई किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चला रही है। पुलिस का कहना है कि बच्चे का शव बरामद होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। संभावना है कि अपहरणकर्ता पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी भी बता रहा हो और बच्चे को कहीं छिपाकर रखा गया हो।

पिता के बयान पर प्राथमिकी, पुलिस जांच में जुटी
राघोपुर थाना में बच्चे के पिता अनिल पंडित के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के साथ पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस अपहरण, फिरौती और बच्चे के गंगा में फेंके जाने के दावे से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता बच्चे का पता लगाना और घटना की वास्तविकता सामने लाना है। एसडीआरएफ की तलाश के साथ पुलिस की पूछताछ भी जारी है। बच्चे के शव की बरामदगी या उसकी सकुशल बरामदगी के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।