हिमाचल में युवाओं को नशे से बचाने के लिए सुक्खू सरकार का बड़ा कदम, पंचायत स्तर पर होंगे खेल

शिमला : हिमाचल प्रदेश में युवाओं के बीच तेजी से फैल रहे ‘चिट्टे’ और अन्य मादक पदार्थों के नशे पर लगाम कसने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार (21 जुलाई) को शिमला में एक अहम बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्यव्यापी ‘खेलो हिमाचल-चिट्टा मुक्त अभियान’ की शुरुआत की. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य खेलों के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में मोड़ना और नशे के खिलाफ एक बड़ा सामाजिक जन आंदोलन खड़ा करना है.

अभियान की रणनीति और कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों की बढ़ती चुनौती पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि नशे की लत न केवल युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है, बल्कि इससे पूरे परिवार और समाज पर भी बुरा असर पड़ रहा है. राज्य सरकार नशे के तस्करों पर कड़ी कार्रवाई करने के साथ-साथ रोकथाम, जागरूकता और पुनर्वास जैसे बहुआयामी उपायों पर काम कर रही है.

अभियान का दायरा: 235 सर्वाधिक प्रभावित पंचायतों पर खास फोकस
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस अभियान को प्रदेश के हर कोने तक पहुंचाया जाएगा. राज्य की सभी 3,758 ग्राम पंचायतों, 8 नगर निगमों, 29 नगर परिषदों तथा 39 नगर पंचायतों में युवाओं को चिट्टे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा. नशे से सर्वाधिक प्रभावित 235 ग्राम पंचायतों में यह अभियान सघन (Intensive) स्तर पर चलाया जाएगा. इसके तहत विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं, जागरूकता कार्यक्रम और सामुदायिक संपर्क अभियान आयोजित किए जाएंगे.

11.56 करोड़ का बजट, पंचायत से राज्य स्तर तक होंगे खेल
खेलों को सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बताते हुए सीएम ने कहा कि युवाओं को जमीनी स्तर पर खेल गतिविधियों से जोड़ा जाएगा ताकि उनके पास नशे से दूर रहने का एक सकारात्मक विकल्प हो. खेल प्रतियोगिताएं उप-मंडल, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित की जाएंगी.

प्रतियोगिताओं के आयोजन और विजेता/उप-विजेता टीमों को पुरस्कार राशि देने के लिए 11.56 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है. इन आयोजनों की निगरानी के लिए खेल संघों, युवा सेवाएं एवं खेल विभाग, शिक्षा विभाग तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों की एक विशेष तकनीकी समिति गठित की जाएगी.

‘समाज की सामूहिक भागीदारी है जरूरी’
मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार एक स्वस्थ, अनुशासित और सशक्त युवा पीढ़ी के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि ‘नशा-मुक्त हिमाचल’ का सपना तभी साकार हो सकता है जब सरकार, शैक्षणिक संस्थान, खेल संगठन, पंचायती राज संस्थाएं और आम समाज मिलकर सामूहिक प्रयास करें. उन्होंने सभी से इस अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया है.