सम्राट सरकार बनते ही एक्शन में प्रशासन, बिहार के कई जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी

पटना: बिहार में नई सरकार बनने के साथ ही प्रशासन और पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पद संभालते ही राज्य के कई जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है. खासकर मुजफ्फरपुर, गोपालगंज और मोतिहारी में जेलों के अंदर सघन जांच अभियान चलाया गया है.

मुजफ्फरपुर में सुबह-सुबह शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में बड़ी छापेमारी की गई. यह कार्रवाई जिला अधिकारी सुब्रत सेन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में हुई. इस दौरान ट्रेनी आईपीएस अधिकारियों और कई डीएसपी के साथ 200 से ज्यादा पुलिस जवान मौके पर मौजूद रहे. अचानक हुई इस रेड से जेल के अंदर कैदियों में हड़कंप मच गया. हालांकि शुरुआती जांच में किसी भी तरह का आपत्तिजनक सामान नहीं मिला.

गोपालगंज में छापेमारी
इसी तरह गोपालगंज के चनावे मंडल कारा में भी जिला प्रशासन ने छापेमारी की. सदर अनुमंडल पदाधिकारी अनिल कुमार के नेतृत्व में जेल के सभी वार्डों की गहन तलाशी ली गई. पुलिस अधिकारियों ने बैरकों, कैदियों के सामान और अन्य जगहों की बारीकी से जांच की. प्रशासन के मुताबिक यह एक नियमित सुरक्षा जांच थी और इस दौरान कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई. हालांकि अचानक हुई कार्रवाई से कुछ देर के लिए जेल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

मोतिहारी में छापेमारी
वहीं मोतिहारी में भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई. जिला अधिकारी सौरभ जोरवाल और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में केंद्रीय जेल में सघन छापेमारी की गई. यहां भी जेल के सभी वार्डों की तलाशी ली गई, लेकिन कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक सामान नहीं मिला. अधिकारियों ने साफ किया कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और जेल में बंद अपराधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी.

सीवान में छापेमारी
सीवान में डीएम और एसपी के नेतृत्व में कई घंटों तक छापेमारी चली. इस दौरान जेल के हर वार्ड की बारीकी से जांच की गई. अधिकारियों ने कैदियों के सामान और बैरकों की सघन तलाशी ली. हालांकि इस जांच में कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ. इसके साथ ही जेलर को जेल मैनुअल का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया.

छपरा में भी एक्शन
वहीं छपरा मंडल कारा में भी देर रात डीएम और एसपी के नेतृत्व में औचक छापेमारी की गई. अचानक पहुंचे अधिकारियों ने पूरे जेल परिसर का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. प्रशासन का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि जेलों में कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की गड़बड़ी न हो.