विदेश से घूमकर बिहार लौटे तेजस्वी हुए हाइपर एक्टिव, बंटी यादव के परिजनों से मिले, छात्रों के मुद्दे को उठाया

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विदेश दौरे घूमकर बिहार लौटते ही हाइपर एक्टिव नजर आ रहे हैं। सोमवार को तेजस्वी यादव ने नीट प्रदर्शन को लेकर गिरफ्तार हुए छात्रों को छुड़ाने के लिए आंदोलन शुरू करने की बात कही थी। साथ ही सरकार को अल्टीमेटम भी दे दिया था। तेजस्वी की बिहार में सक्रियता का पता इसी से चलता है कि उन्होंने बांकीपुर में चुनाव प्रचार के दौरान ही बंटी यादव के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। तेजस्वी यादव ने राज्य प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बंटी यादव के अपहरण और हत्या के मुख्य साजिशकर्ताओं को बचा रही हैं।

जब से बंटी यादव लापता हुए थे, तभी से उनके परिवार के संपर्क में: तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने कहा कि जब से बंटी यादव पटना जंक्शन के पास से लापता हुए, तब से उनकी पार्टी उनके परिवार के साथ लगातार संपर्क में है। इस दुखद घटना पर शोक जताते हुए राजद नेता ने कहा कि बंटी को तब निशाना बनाया गया जब वह एक नेक सामाजिक काम के लिए खड़े हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के विरोध, सोशल मीडिया कैंपेन और राजनीतिक दबाव के बावजूद, इस अपराध के असली साजिशकर्ता को सत्ता में बैठे लोग बचा रहे हैं। RJD नेता ने पीड़ित परिवार को पूरा न्याय दिलाने के लिए अपनी पार्टी की लड़ाई जारी रखने का वादा किया और मौजूदा सरकार के तहत कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए।

बंटी यादव के लिए हम लड़ाई जारी रखेंगे: तेजस्वी
उन्होंने कहा, ‘हम शुरू से ही बंटी यादव के परिवार के संपर्क में हैं। जैसे ही घटना सामने आई, हमने उनकी पत्नी से बात की और प्रशासन से मामले की जांच करने को कहा। हमने बताया कि बंटी यादव लापता हैं, तुरंत कार्रवाई की मांग की और सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा उठाया। बंटी यादव एक नेक काम के लिए लड़ रहे थे, फिर भी उनके साथ जो हुआ वह बहुत अन्यायपूर्ण था। इस घटना के पीछे के मुख्य लोगों को अभी तक पकड़ा नहीं गया है और सत्ता में बैठे लोग उन्हें बचा रहे हैं। हम यह लड़ाई जारी रखेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि बंटी यादव को न्याय मिले।’

अपहरण के पांच दिन बाद मिली थी बंटी यादव की लाश
बंटी यादव का अपहरण पटना जंक्शन के पास हुआ था। पांच दिन बाद राजधानी से लगभग 60 किलोमीटर दूर अथमालगोला इलाके में उनकी बुरी तरह सड़ी-गली लाश मिली। पीड़ित परिवार का आरोप है कि करबिगहिया इलाके में चल रही अवैध गतिविधियों का विरोध करने के कारण उनका अपहरण और हत्या की गई।