बिहार के सभी विभागों में इस्तेमाल होंगे AI टूल्स, सरकार ने 15 अगस्त तक का रखा लक्ष्य

AI Conclave 2026: बिहार सरकार ने 15 अगस्त तक अधिक-से-अधिक विभागों में एआई आधारित समाधान लागू करने का लक्ष्य तय किया है. टाइगर एनालिटिक्स ने अगले एक साल में पटना में 200 एक्सपर्ट्स वाला ग्लोबल एआई सेंटर स्थापित करने की घोषणा की है. सोमवार को पटना में एआई कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया गया था.

राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल गवर्नेस में अग्रणी बनाने की दिशा में वैश्विक एआई और एडवांस्ड एनालिटिक्स कंपनी टाइगर एनालिटिक्स की ओर से यह आयोजन किया गया था. सम्मेलन में सरकार, एकेडमिक्स और टेक्निकल एक्सपर्ट ने बिहार के एआई रोडमैप और डिजिटल एरा में एआई की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की.

मुख्य सचिव बोले- आने वाले समय में बनेगा गेमचेंजर
राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि बिहार सरकार अब प्रशासनिक कामकाज में एआई का व्यापक उपयोग करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. सरकार का लक्ष्य है कि 15 अगस्त तक अधिक-से-अधिक विभागों में एआई आधारित समाधान लागू कर दिए जायेंगे, ताकि सरकारी प्रक्रियाएं तेज, पारदर्शी और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बन सकें.

इस संबंध में मुख्यमंत्री और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के साथ भी विस्तृत चर्चा हो चुकी है और सभी विभागों के समन्वय से कार्य किया जाएगा. एआई आने वाले समय का सबसे बड़ा गेम चेंजर है. सरकार ने कई नीतियां बनाईं हैं और उन्हें लागू भी किया है, लेकिन अब सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि इनका वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंचे. इसके लिए एआई की मदद से नीतियों के प्रभाव का विश्लेषण किया जाएगा.

पटना में स्थापित होगा ग्लोबल एआई सेंटर
टाइगर एनालिटिक्स के सीईओ महेश कुमार ने कहा कि एआई के क्षेत्र में बिहार तेजी से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है. राज्य में स्थापित देश के सबसे बड़े एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित हो रहा है. टाइगर एनालिटिक्स अगले एक साल में पटना में 200 एक्सपर्ट्स वाला ग्लोबल एआई सेंटर स्थापित करेगा.

यह टीम वैश्विक फॉर्च्यून-500 कंपनियों के लिए अत्याधुनिक एआई, रिसर्च और इनोवेशन परियोजनाओं पर काम करेगी. राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों के स्टूडेंट्स को इंटर्नशिप उपलब्ध कराने और स्कूलों और कॉलेजों में बड़े पैमाने पर एआई ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाया जाएगा. अगले कुछ सालों में करीब 5,000 छात्रों को उन्नत एआई ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है. बिहार को देश का अग्रणी एआई और नवाचार केंद्र बनाया जा सकता है.