पटना: सोशल मीडिया पर आए दिन बिहार के एक से बढ़कर एक ‘जुगाड़’ वाले वीडियो वायरल होते रहते हैं, लेकिन पश्चिम चंपारण के हरनाटांड़ से जो तस्वीर सामने आई है, उसने सबको हैरान कर दिया है। पेट्रोल पंप के कड़े नियमों और ईंधन की किल्लत के बीच एक युवक ने ऐसा रास्ता निकाला कि लोग देखते रह गए। जब पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए बोतल या डिब्बे में पेट्रोल देने से साफ मना कर दिया, तो युवक ने बीच रास्ते में बंद पड़ी अपनी बाइक की पूरी ‘टंकी’ (फ्यूल टैंक) ही उखाड़ ली और उसे हाथ में उठाकर पैदल ही पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने पहुंच गया। यह अजीबोगरीब नजारा जिसने भी देखा, वह अपनी हंसी नहीं रोक पाया और किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
नियमों के फेर में फंसा आम आदमी, रास्ते में गाड़ी बंद होने पर बढ़ी आफत
दरअसल, यह मजेदार दिखने वाला वीडियो देश में चल रहे ईंधन संकट और कड़े नियमों की एक गंभीर तस्वीर भी पेश करता है। ईंधन के बढ़ते दामों और इसकी किल्लत ने आम आदमी की कमर तोड़ रखी है। सबसे ज्यादा परेशानी उन वाहन चालकों को हो रही है, जिनकी गाड़ी का पेट्रोल बीच रास्ते में ही खत्म हो जाता है।
सुरक्षा कारणों से पेट्रोल पंपों पर डिब्बे या बोतल में खुला तेल देने पर पाबंदी है। ऐसे में भारी-भरकम गाड़ी को धक्का देकर कई किलोमीटर दूर पेट्रोल पंप तक लाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं होता। इसी मजबूरी और प्रशासन के कड़े नियमों के बीच फंसे इस युवक का यह कदम सरकार के दावों की पोल खोल रहा है।
खेती-किसानी पर पड़ रहा है सीधा असर, गैलन में नहीं मिल रहा डीजल
स्थानीय लोगों और किसानों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की इस किल्लत का सीधा असर अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खेती पर दिखने लगा है।
सिंचाई ठप: खेतों की सिंचाई के लिए पम्पिंग सेट चलाने और बिजली कटौती के दौरान जेनरेटर चलाने के लिए किसानों को डीजल की सख्त जरूरत है।
सप्लाई बंद: पंपों पर किसानों को गैलन या जरकिन में डीजल नहीं दिया जा रहा है, जिससे छोटे किसानों के सामने फसलों को बचाने का संकट खड़ा हो गया है।
प्रशासन से जल्द समाधान की मांग
हरनाटांड़ के स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि नियमों में थोड़ी ढील दी जाए और क्षेत्र में ईंधन की स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में कृषि उत्पादन घटने के साथ-साथ आम जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर जाएगा। युवक का हाथ में बाइक की टंकी लेकर पंप पर खड़े रहना यह बताने के लिए काफी है कि जनता इस संकट से किस कदर जूझ रही है।