मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुर में अपराधी और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ से इलाके में हड़कंप मच गया. जिले के बेला थाना क्षेत्र में कुख्यात एटीएम फ्रॉड को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस घटना में बेला थाने में पदस्थापित एएसआई गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी भी गोली लगने से घायल हो गया.
जाल बिछाकर बैठी थी पुलिस : दरअसल, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शातिर एटीएम फ्रॉड पप्पू साहनी इलाके में मौजूद है. पप्पू साहनी पर एटीएम धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं और वह पहले भी जेल जा चुका है. लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को पकड़ने के लिए बेला थाना की टीम ने घेराबंदी की. जैसे ही पुलिस ने उसे दबोचने की कोशिश की, खुद को घिरा देख बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी.
ASI के पेट में लगी गोली : बदमाश की गोली बेला थाने में तैनात एएसआई विकास कुमार के पेट में जा लगी. गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े. एएसआई विकास कुमार मूल रूप से सिवान जिले के उंधा गांव के निवासी हैं और वर्तमान में बेला थाने में मुंशी का कार्यभार भी संभाल रहे थे. पुलिसकर्मी के घायल होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
पुलिस की जवाबी कार्रवाई : आत्मरक्षा और आरोपी को भागने से रोकने के लिए पुलिस ने तत्काल जवाबी फायरिंग की. इस दौरान कुख्यात आरोपी पप्पू साहनी को भी गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब उससे पूछताछ कर उसके गिरोह और एटीएम फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है.
अस्पताल पहुंचे आला अधिकारी : घटना की जानकारी मिलते ही मुजफ्फरपुर रेंज के डीआईजी चंदन कुशवाहा, एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी निजी अस्पताल पहुंचे और घायल एएसआई का हाल जाना. फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है.
”पुलिस अपराधी को गिरफ्तार करने गई थी, तभी उसने फायरिंग कर दी. घायल पुलिसकर्मी का इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. डॉक्टरों ने कहा है कि स्थिति खतरे से बाहर है. मामले की तफ्तीश की जा रही है.”- चंदन कुशवाहा, डीआईजी