बिहार के BJP विधायक राजू सिंह गैर इरादतन हत्या में दोषी करार, 9 जून को होगी सजा पर सुनवाई

नई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को बिहार के साहिबगंज के भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया। कोर्ट ने उन्हें हिरासत में लेने का आदेश दिया। कोर्ट ने उनकी पत्नी और अन्य दो लोगों को सभी आरोपों से बरी कर दिया। यह मामला 31 दिसंबर, 2018 को नए साल की पूर्व संध्या पर एक पार्टी में अर्चना गुप्ता की मौत से संबंधित है। फतेहपुर बेरी थाने में 1 जनवरी, 2019 को एफआईआर दर्ज की गई थी।

विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) विशाल गोगने ने राजू कुमार सिंह को आर्म्स एक्ट की धारा 304 पार्ट 2 और 30 के तहत गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया। कोर्ट ने उनकी पत्नी रेनू सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट 9 जून को सजा पर सुनवाई करेगी।

अर्जी खारिज होने के बाद आरोप तय
30 अक्टूबर 2023 को कोर्ट द्वारा बरी करने की अर्जी खारिज किए जाने के बाद कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए। कोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड में मौजूद साक्ष्यों के आधार पर आरोपी राजू सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (पार्ट 2) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत तथा आरोपी रामेंद्र सिंह और राणा राजेश सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 201/34 के तहत और आरोपी रेनू सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 201 के तहत आरोप तय किए जा सकते हैं।

आरोप है कि 31 दिसंबर 2018 की रात को शिकायतकर्ता विकास गुप्ता अपनी पत्नी अर्चना गुप्ता और बेटी के साथ नए साल की पार्टी के लिए रोज फार्म, अंबेडकर कॉलोनी, मंडी गांव, नई दिल्ली गए थे। यह फार्म उनके मित्र संजीव सिंह का है। उन्होंने बताया कि लगभग 12 बजे उनकी पत्नी ने उन्हें गले लगाया और नाचने के लिए डीजे डांस फ्लोर पर वापस चली गईं।

दो लोगों ने चलाई थी गोलियां
उन्होंने आगे बताया कि उसी समय उन्होंने सुरक्षाकर्मी हरि सिंह और अपने दोस्त संजीव सिंह के भाई राजू सिंह को अपने-अपने हथियारों से हवा में गोलियां चलाते देखा। लगभग 5 मिनट बाद राजू सिंह ने फिर से गोली चलाई। उसके बाद उन्होंने अचानक देखा कि उनकी पत्नी गिर गई हैं। वे तुरंत उनकी ओर दौड़े। वह बेहोश थीं और उनके चेहरे पर खून लगा हुआ था। इसके बाद उन्होंने अन्य मेहमानों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया।

घटनास्थल से कारतूस बरामद
पुलिस को पता चला कि नए साल की पार्टी के दौरान एक व्यक्ति को गोली लगी थी। पुलिस ने यह भी पाया कि घटनास्थल पर पड़ा खून साफ ​​कर दिया गया था। 1 जनवरी 2019 को शुरू में आईपीसी की धारा 307, 201, 34 और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान घटनास्थल से .22 कैलिबर के इस्तेमाल किए हुए 2 कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा राजू सिंह के घर से कुछ जिंदा और इस्तेमाल किए हुए कारतूस बरामद किए गए। वहीं, हरि सिंह (निधन हो चुका है) के घर से एक .315 कैलिबर की राइफल, कुछ इस्तेमाल किए हुए और जिंदा कारतूस बरामद की गई।

उत्तर प्रदेश से पकड़े गए थे
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि नए साल की पार्टी में गोलीबारी करने वाले दो व्यक्ति आरोपी राजू सिंह और उनके ड्राइवर हरि सिंह थे। दोनों घटनास्थल से फरार हो गए थे। उन्हें 2 जनवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के फाजिल नगर से गिरफ्तार किया गया था। आरोपी राजू सिंह के पास से .22 कैलिबर की एक पिस्तौल और कुछ जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। जिस कार में दोनों आरोपी सफर कर रहे थे, उसे भी जब्त कर लिया गया।

मौत के बाद धारा 302 लगाई गई
3 जनवरी 2019 को थाने को सूचना मिली कि घायल अर्चना गुप्ता का इलाज के दौरान मौत हो गई। उसके बाद आईपीसी की धारा 307 के स्थान पर आईपीसी की धारा 302 लगाई गई। मृतका का पोस्टमार्टम नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि मौत सिर में गोली लगने से हुई है।