पटना: बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है। सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद एनडीए की तरफ से बिहार के मुख्यमंत्री बने। अब सम्राट चौधरी आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात करेंगे। ये शिष्टाचार मुलाकात होगी। इसके बाद सम्राट चौधरी की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात होनी है। बिहार में कैबिनेट का विस्तार बाकी है। सीएम सम्राट चौधरी के अलावा बीजेपी कोटे से कोई भी विधायक मंत्री नहीं बना है। जेडीयू से सिर्फ बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय चौधरी को डिप्टी सीएम बनाया गया है। मतलब, पूरा का पूरा मंत्री पद खाली है। बिहार में 33 मंत्री बनाए जा सकते हैं।
पीएम मोदी और अमित शाह से मिलेंगे सम्राट चौधरी
दरअसल, बीजेपी के लिए बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हुई है। नीतीश कुमार के इस्तीफे और एनडीए की नई सरकार बनी। अब सरकार की बागडोर भारतीय जनता पार्टी के पास है। मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद सीएम सम्राट चौधरी आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरे का मुख्य एजेंडा बिहार में आगामी कैबिनेट विस्तार की रूपरेखा तय करना है, ताकि राज्य प्रशासन को सुचारू रूप से गति दी जा सके।
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार दिल्ली दौरे पर सम्राट
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का कार्यक्रम तय है। यह एक शिष्टाचार मुलाकात होगी, जिसमें बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम और भविष्य की योजनाओं पर बात हो सकती है। राज्य में पहली बार भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के मुखिया के रूप में सम्राट चौधरी का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री के बाद सम्राट चौधरी गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे। वर्तमान में बिहार मंत्रिमंडल में सभ पद खाली हैं। अभी केवल मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री ही पद पर हैं, ऐसे में अमित शाह के साथ होने वाली इस बैठक में भाजपा कोटे के संभावित मंत्रियों के नामों पर मुहर लग सकती है।
बिहार में फिलहाल 33 मंत्री पद खाली
बिहार की नई सरकार में फिलहाल जेडीयू की ओर से बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय चौधरी को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। सम्राट चौधरी के अलावा अभी भाजपा कोटे से किसी भी विधायक ने मंत्री पद की शपथ नहीं ली है।
बिहार कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित कुल 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं, इस हिसाब से अभी 33 पद खाली है।
बिहार में होने वाले संभावित कैबिनेट विस्तार में जातीय समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखा जाएगा।
नीतीश कुमार के सासंद बन जाने और सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने से बिहार भाजपा में उत्साह का माहौल है।
दिल्ली दौरे का उद्देश्य न केवल शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करना है, बल्कि बेहतर समन्वय स्थापित करना भी है।
बिहार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल में किन चेहरों को शामिल करते हैं।