मेरठ में हाईटेक तरीके से होगी कांवड़ यात्रा की सुरक्षा, एआई कैमरे से होगी निगरानी

मेरठ: जिला प्रशासन की ओर से कांवड़ यात्रा की तैयारी शुरू हो गई है. जिले में इस बार सुरक्षा के और बेहतर इंतजाम किए गए हैं. लाखों श्रद्धालु सावन में इस रास्ते से गुजरते हैं, कांवड़ियों का जत्था हरिद्वार और गोमुख से जल भरकर अपने गंतव्य तक जाते हैं.

हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था: कांवड़ यात्रा को लेकर पश्चिमी यूपी के मेरठ जोन के जिलों में बीते दो महीने से प्रशासन तैयारी कर रहा है. कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात व्यवस्था, रूट डायवर्जन, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और बैरिकेडिंग को लेकर निर्देश दिए जा चुके हैं. AI कैमरों से इसबार निगरानी की जाएगी. नुकीला जैसे त्रिशूल या तलवार ले जाने की मनाही होगी.

भीड़ के लिए क्या हैं इंतजाम?: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तीन स्तर पर इस बांटा गया है. पहला शिवालय, दूसरा रास्ता (सड़क) और तीसरा जलाशय है. गंगाघाटों पर गोताखोर, SDRF, NDRF की टीमें रहेंगी. इसके अलावा होल्डिंग एरिया भी बनाया जाएगा. सड़क पर भी कांवड़ियों के लिए सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं. एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि, एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव और आरटीओ अमरीश को यातायात व्यवस्था को लेकर हर कमान मार्ग का निरीक्षण करके आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए जा चुके हैं. साथ ही ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की गई है. कांवड़ यात्रा के दौरान भारी वाहन वैकल्पिक मार्गो से ही गुजरेंगे.

स्वास्थ्य सुरक्षा का इंतजाम: इस बार बाइक एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाने के लिए भी काम किया जा रहा है. पिछले वर्ष मोबाइल लाइट वाहन भी कांवड़ मार्गों पर थी. जहां पर रात में विद्युत व्यवस्था ना हो, ऐसे मार्गों पर वह लाइट वैन जेनरेटर के माध्यम से अपने 1 किलोमीटर की परिधि तक प्रकाश का इंतजाम करती है. इस बार लाइट वैन की संख्या भी बढ़ाई जा रही है.

यूपी में मेरठ और मुजफ्फरनगर दो ऐसे जिले हैं, जहां से ज्यादातर शिवभक्त गुजरते हैं. दिल्ली, यूपी वेस्ट, हरियाणा, राजस्थान और मध्यप्रदेश के कांवड़िये इसमें शामिल होते हैं.