पटना: बिहार में पार्किंग के नाम पर होने वाली अवैध वसूली और ठेकेदारों की मनमानी पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने निर्देश दिया है कि प्रदेश के सभी 19 नगर निगम क्षेत्रों में पार्किंग स्थलों पर आधिकारिक ‘रेट चार्ट’ प्रमुखता से लगाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता को पता होना चाहिए कि उनसे कितनी राशि ली जा रही है, ताकि पार्किंग स्थलों पर विवाद और शोषण कम हो।
मौजूदा स्थिति को एक गंभीर शहरी चुनौती बताते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर अवैध पार्किंग स्पॉट अभी भी चल रहे हैं, अनाधिकृत होर्डिंग्स से शहर का नजारा खराब हो रहा है। कुछ ठेकेदार अपने पार्किंग टेंडर खत्म होने के बावजूद फीस वसूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतों ने नगर निगम क्षेत्रों में पार्किंग को सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बना दिया है।
विजय कुमार सिन्हा ने सभी नगर निकायों को निर्देश दिया कि वे तुरंत हर अवैध पार्किंग स्पॉट की पहचान करें और उसे सही नियमन के तहत लाएं, सभी अनाधिकृत होर्डिंग्स को बिना किसी देरी के हटा दें, उन ठेकेदारों का पता लगाएं जिनके टेंडर खत्म हो गए हैं, लेकिन वे नागरिकों से पैसे वसूलना जारी रखे हुए हैं, और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू करें। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा, ‘विभाग को पहले ही इस तरह की चल रही अवैध वसूली की कई शिकायतें मिल चुकी हैं, और अब कानून को सख्ती से लागू किया जा रहा है।’
बढ़ते वाहनों और अतिक्रमण ने बढ़ाई पार्किंग की समस्या
उन्होंने कहा कि वाहनों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी, जगह की सीमित उपलब्धता, सड़कों और फुटपाथों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण, और सड़क किनारे व्यवसायों में वृद्धि के कारण पार्किंग संकट और भी बदतर हो गया है। उन्होंने कहा कि बेतरतीब अवैध पार्किंग, अनाधिकृत होर्डिंग्स की बढ़ोतरी के साथ मिलकर, ट्रैफिक प्रवाह को बुरी तरह से बाधित कर रही है और शहरी बुनियादी ढांचे को प्रभावित कर रही है।