पटना: बिहार चुनाव 2025 को लेकर महागठबंधन (Mahagathbandhan) में सीट बंटवारे की तस्वीर लगभग साफ हो गई है. मुकेश सहनी को लेकर चल रहे सस्पेंस पर अब विराम लगता दिख रहा है. सूत्रों के अनुसार महागठबंधन के अंदर मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी (विकासशील इंसान पार्टी) को 14 सीट देने पर फाइनल सहमति बन गई है. सूत्रों के मुताबिक, वीआईपी को जिन सीटों पर उम्मीदवार उतारने की मंजूरी मिली है, उनमें आलमनगर, गौरा बौराम, दरभंगा शहर, कुशेश्वरस्थान, औराई और बरूराज शामिल हैं.
इसके अलावा केसरिया, सिकटी, निर्मली, कटिहार, गोपालपुर, बिहपुर और लोरिया सीटें भी वीआईपी के खाते में गई हैं. महागठबंधन के सूत्रों का कहना है कि एक-दो सीटों को लेकर अब भी बातचीत जारी है, लेकिन लगभग सभी प्रमुख सीटों पर सहमति बन चुकी है. जानकारी के मुताबिक, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस (PC) करने वाले हैं, जिसमें वे सीटों की औपचारिक घोषणा और उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकते हैं. महागठबंधन के अंदर वीआईपी को अति पिछड़ा (EBC) और मछुआरा समाज के प्रतिनिधित्व के लिहाज से अहम जिम्मेदारी दी गई है.
महागठबंधन में सीट फॉर्मूला लगभग तय
सूत्रों के अनुसार, महागठबंधन में सीट बंटवारा लगभग अंतिम चरण में है. RJD सबसे ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. कांग्रेस को पिछली बार की तुलना में थोड़ी कम सीटें मिलने की संभावना है. लेफ्ट पार्टियों और वीआईपी को सीमित लेकिन “विनिंग कैलकुलेशन” वाली सीटें दी जा रही हैं. वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने महागठबंधन के साथ गठबंधन जारी रखते हुए कहा था कि “हम सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने आए हैं और इस बार बिहार के हर तबके की आवाज़ विधानसभा तक पहुंचाएंगे.” बता दें, 2020 के विधानसभा चुनाव में वीआईपी एनडीए का हिस्सा थी, लेकिन अब वे महागठबंधन के साथ मैदान में हैं.