दिल्ली में खुलेगी बिहार कांग्रेस की हार की फाइल, 61 उम्मीदवार देंगे जिलावार रिपोर्ट

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) में कांग्रेस की पराजय की अंदरूनी पड़ताल का समय आ गया है। गुरुवार को दिल्ली में कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व बिहार में चुनाव लड़ने वाले सभी 61 उम्मीदवारों से उनकी रिपोर्ट लेगा।

बिहार कांग्रेस के नेताओं के साथ दिल्ली में आयोजित बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के साथ अन्य वरिष्ठ कांग्रेसियों की उपस्थिति में चुनाव लड़ने वाले नेता अपनी रिपोर्ट देंगे।

कांग्रेस के एक ऐसे ही उम्मीदवार से मिली जानकारी के अनुसार अधिकांश प्रत्याशियों ने अपनी हार की रिपोर्ट में बूथ-स्तर की विफलताओं, स्थानीय समीकरणों, गठबंधन की कमजोरियों और पार्टी कैडर की निष्क्रियता तक का जिक्र किया है।

इसके अलावा पार्टी के वफादार नेता जिनके टिकट काटे गए उन्होंने भी चुनाव के दौरान व्यवधान डालने के हर प्रयास किए ऐसी चर्चा भी रिपोर्ट में की गई है। लेकिन दूसरी ओर केंद्रीय नेतृत्व का जोर इन रटे-रटाए जवाबों से आगे बढ़ाने पर है।

केंद्रीय नेतृत्व यह जानने की कोशिश में होगा कि आखिर क्या वजह है कि तमाम कोशिश करने, बड़े नेताओं को बार-बार मैदान में उतारने के बाद भी ढाई दशक से पार्टी का प्रदेश नेतृत्व अपेक्षाकृत प्रदर्शन नहीं कर पा रहा।

सूत्रों की माने तो कांग्रेस अब बिहार को हल्के में नहीं लेना चाहती। पार्टी अब उन नेताओं की जवाबदेही तय करने पर जोर दे रही है जिनके कंधों पर प्रदेश नेतृत्व की बागडोर है। कुल मिलाकर कल की बैठक से कोई बड़ा धमाका हो या न हो, इतना तय है कि यह बैठक कांग्रेस की बिहार राजनीति की भविष्य की दिशा और दशा अवश्य तय करेगी।

यहां बता दें कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने 61 उम्मीदवार उतारे थे। जिनमें से 90 प्रतिशत उम्मीदवार पराजित रहे, यहां तक की पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधानमंडल दल के नेता तक अपनी कुर्सी सुरक्षित नहीं रख पाए।

बागी नेताओं ने दिल्ली में डाला डेरा
कांग्रेस हाईकमान की बैठक के पहले कांग्रेस के नाराज नेता भी दिल्ली पहुंच गए हैं। इन नेताओं में पूर्व विधायक व पार्टी के अन्य पदधारी नेता शामिल हैं। ये नेता प्रदेश नेतृत्व के साथ होने वाली बैठक के पूर्व आलाकमान से मिलने की कोशिश में हैं, ताकि केंद्रीय नेतृत्व को चुनाव में पराजय की वजह टिकटों की खरीद-बिक्री, जिताऊ उम्मीदवारों को दरकिनार करने जैसे मुद़्दे गिनाएंगे।