पटना. लोकप्रिय भोजपुरी लोकगायिका नेहा सिंह राठौर एक बार फिर सुर्खियों में हैं. पहलगाम आतंकी हमले पर सोशल मीडिया में की गई कथित भड़काऊ पोस्ट के बाद यूपी पुलिस उनके पीछे लगातार छापेमारी कर रही है. वाराणसी के लंका थाने और लखनऊ के हजरतगंज थाने में उन पर अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं. दोनों जगह पुलिस कई बार नोटिस भेज चुकी है, लेकिन नेहा अब तक जांच में शामिल नहीं हुई हैं.
सोमवार को वाराणसी पुलिस ने नेहा के लखनऊ स्थित सुशांत गोल्फ सिटी वाले फ्लैट पर जाकर नोटिस चिपकाया. घर बंद मिला. पुलिस का कहना है कि “नेहा को बयान दर्ज कराने के लिए कई बार बुलाया गया, लेकिन वह पेश नहीं हुईं.” लखनऊ पुलिस भी दो बार नोटिस जारी कर चुकी है. इसी बीच नेहा ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका भी दाखिल की है, लेकिन वहां भी वह व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हुईं.
बिहार से है नेहा का गहरा नाता, वहीं से मिली पहचान
नेहा सिंह राठौर पर वाराणसी और लखनऊ के किन थानों में मुकदमे दर्ज हैं?
A गोमतीनगर थाना और राजेन्द्रनगर थाना
B कैंट थाना और आलमबाग थाना
C सिविल लाइंस थाना और चौक थाना
D लंका थाना और हजरतगंज थाना
नेहा सिंह राठौर का जन्म बिहार के कैमूर (भभुआ) जिले के एक साधारण परिवार में हुआ था. परिवार किसानों से जुड़ा रहा है और नेहा ने शुरुआती पढ़ाई भी यहीं की. उनकी लोकप्रियता सबसे ज्यादा तब बढ़ी जब उन्होंने “यूपी में का बा” सीरीज जारी की. वहीं “बिहार में का बा” गाने ने भी राजनीतिक चर्चाओं में उन्हें बड़े स्तर पर पहचान दिलाई. बिहार के मुद्दों पर निशाना साधते उनके व्यंग्यात्मक गीतों को सोशल मीडिया पर करोड़ों व्यूज़ मिले.
युवा वर्ग के बीच नेहा की फैन फॉलोइंग
बिहार और पूर्वांचल में युवा वर्ग के बीच नेहा की फैन फॉलोइंग बेहद मजबूत है. तमाम राजनीतिक दलों की रैलियों, मंचों और बहसों में उनके गानों का जिक्र होने लगा. हालांकि, इन गीतों में उठाए गए राजनीतिक सवालों के कारण वे कई बार विवादों में भी रहीं. 2023 में यूपी पुलिस ने “यूपी में का बा भाग 2” गाने को लेकर भी उनसे पूछताछ की थी.