बिहार के मॉडल स्कूलों में जेईई-नीट की मुफ्त कोचिंग का ऐलान, इसके लिए कैसे करना होगा अप्लाई?

Bihar JEE NEET Free Coaching: बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के 10 मॉडल स्कूलों में बिहार स्कूल लाइव क्लासेज और जेईई नीट के मुफ्त कोचिंग कार्यक्रम की शुरुआत की है.

पहले चरण में छात्रों को लाइव क्लास, डिजिटल स्टडी मैटेरियल, एक्सपर्ट फैकेल्टी और स्मार्ट क्लास रूम की सुविधा मिलेगी. सरकार का टारगेट आने वाले समय में इस योजना को राज्य के सभी 150 मॉडल स्कूलों तक पहुंचना है, ताकि सरकारी स्कूलों के छात्र भी बिना किसी फीस के प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कर सके.

पहले चरण में 558 छात्रों ने कराया रजिस्ट्रेशन

योजना के पहले चरण में पटना के 10 मॉडल स्कूलों को लाइव टीचिंग सिस्टम से जोड़ा गया है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अनुसार जेईई परीक्षा की तैयारी के लिए 266 छात्रों और नीट के लिए 252 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. सरकार का कहना है कि शुरुआती चरण के बाद इस सुविधा का विस्तार राज्य के सभी 155 मॉडल स्कूलों में किया जाएगा.

किन छात्रों को मिलेगा योजना का लाभ?

यह योजना फिलहाल बिहार के मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई है. शुरुआती चरण में केवल पटना के चयनित 10 मॉडल स्कूलों के छात्र इसमें शामिल किए गए हैं. बाद में दूसरे जिलों के मॉडल स्कूल के विद्यार्थी भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे. सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण एजुकेशन कोचिंग उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें प्राइवेट कोचिंग सेंटर पर निर्भर न रहना पड़े.

छात्रों को क्या-क्या मिलेगी सुविधा?

इस कार्यक्रम के तहत छात्रों को बिना किसी फीस के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी. इसके लिए एक्सपीरियंस शिक्षकों की क्लास, क्वालिटी से भरपूर अध्ययन सामग्री, नियमित डाउट क्लीयरिंग सेशन, मोबाइल ऐप आधारित इंटरएक्टिव लर्निंग और प्रत्येक 15 दिन पर मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की जाएगी. इसके अलावा पढ़ाई के लिए एयर कंडीशनर, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल बोर्ड और तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था भी उपलब्ध होगी. हर मॉडल स्कूल में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स और बायोलॉजी के लिए सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स नियुक्त किए जाएंगे. पायलट प्रोजेक्ट के तहत फिलहाल 10 स्कूलों में कुल 40 शिक्षकों की तैनाती की गई है. वहीं इस कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग ने सात स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन पर भी साइन किए.

स्कूलों के बाद भी चलेगी कोचिंग

सरकार ने कोचिंग का समय इस तरह तय किया है कि छात्रों की नियमित पढ़ाई प्रभावित न हो. ऐसे में छात्राओं के लिए शाम 6:00 बजे तक और छात्रों के लिए 7:00 तक कोचिंग क्लास संचालित होगी. इससे विद्यार्थी स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर सकेंगे.

कैसे करना होगा आवेदन?

फिलहाल सरकार ने अलग से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की घोषणा नहीं की है. योजना का पहला चरण केवल पटना के 10 चयनित मॉडल स्कूलों में शुरू किया गया है. जैसे-जैसे योजना का विस्तार अन्य मॉडल स्कूलों तक होगा, संबंधित स्कूलों और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से पात्र छात्रों के रजिस्ट्रेशन और चयन की प्रक्रिया जारी की जाएगी. इस मॉडल स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अपने स्कूल में बीएसईबी के आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखनी होगी.