सम्राट की पूरी कैबिनेट को जानिए, कौन कितना पढ़ा-लिखा; राजनीति के कितने ‘धुरंधर’

पटना। बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का गुरुवार को विस्तार हो गया। इस विस्तार में भाजपा ने सभी सहयोगी दलों को भी साधने का प्रयास किया है।सम्राट की टीम में अनुभव और युवा नेतृत्व को भी मौका दिया गया है। आइए हम यहां उन सभी मंत्रियों की शिक्षा और उनके राजनीतिक अनुभवों के बारे में जानेंगे कि कौन राजनीति की फील्ड में कितना धुरंधर है।

विजय कुमार सिन्हा
उम्र-58 वर्ष। शिक्षा-इंजीनियरिंग। 2010 से लखीसराय विधानसभा सीट से विधायक।विधानसभा अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य करने का अनुभव। छात्र-जीवन से राजनीति में सक्रिय।

दिलीप कुमार जायसवाल
उम्र-62 वर्ष। शिक्षा-पीएचडी। बिहार विधान परिषद के सदस्य। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष। उद्योग और सड़क निर्माण, और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में बिहार विधान परिषद में सत्तारूढ़ पार्टी के उप मुख्य सचेतक हैं।

नीतीश मिश्रा
नीतीश मिश्रा-उम्र-52 वर्ष। शिक्षा-एमबीए। अनुभवी भाजपा नेता। झंझारपुर से पांच बार के विधायक और ग्रामीण विकास और उद्योग मंत्री के रूप में कार्य करने का लंबा अनुभव। विकास कार्यों और ‘ई-गवर्नेंस’ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं।

संजय सिंह टाइगर
उम्र-50 वर्ष। शिक्षा-एलएलबी और स्नातकोत्तर। वर्ष 2010 में संदेश विधानसभा से पहली बार विधायक बने। 2025 में आरा सीट से दूसरी बार विधायक। छात्र-जीवन से राजनीति एवं समाजसेवा में सक्रिय। संघ के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में पहचान।

डॉ. प्रमोद कुमार
उम्र-64 वर्ष। शिक्षा-पीएचडी। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के समर्पित कार्यकता के रूप में पहचान। ये विधान परिषद के सदस्य हैं और नीतीश सरकार में सहकारिता, वन एवं पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं।

श्रेयसी सिंह
उम्र-36 वर्ष। शिक्षा-स्नातक एवं एमबीए। अंतरराष्ट्रीय शूटर और भारतीय जनता पार्टी की राजनेता के तौर पर पहचान। जमुई विधानसभा सीट से 2020 में पहली बार विधायक बनी। 2025 में नीतीश कुमार कैबिनेट में खेल, सूचना एवं प्रावैधिकी मंत्री के रूप में कार्य कीं।

मिथिलेश तिवारी
उम्र-55 वर्ष। शिक्षा-स्नातक। 2015 में बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बने।2025 में इसी सीट से चुनाव जीते मिथिलेश तिवारी पहली बार मंत्री बने हैं। ये प्रदेश भाजपा के महासचिव के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।

रमा निषाद
उम्र-58 वर्ष। शिक्षा-बारहवीं पास। औराई विधानसभा सीट से पहली बार विधायक। नीतीश सरकार में पहली बार मंत्री बनीं। सम्राट कैबिनेट में दूसरी बार मंत्री बनीं रमा निषाद पूर्व केंद्रीय मंत्री कैप्टन जय नारायण निषाद की पुत्रवधु और पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी हैं।

केदार प्रसाद
गुप्ता-उम्र-58 साल । शिक्षा-स्नातक। 2015 में पहली बार कुढ़नी विधानसभा सीट से विधायक बने। 2025 में इसी सीट से जीते और दूसरी बार मंत्री बने। ये नीतीश सरकार में पंचायती राज विभाग के मंत्री के रूप में कार्य करने का अनुभव।

लखेंद्र कुमार
रौशन उम्र-46 वर्ष। शिक्षा-स्नातक। पातेपुर (सुरक्षित) विधानसभा सीट से दूसरी बार विधायक। 2020 और 2025 में इस सीट से जीते रौशन एससी/एसटी कल्याण मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। ये भाजपा के एससी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।

कुमार शैलन्द्र
उम्र-58 वर्ष। शिक्षा-इंजीनियरिंग। वर्तमान में बिहपुर से विधायक। वे बिहपुर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर तीन बार विधायक निर्वाचित हो चुके हैं। उन्होंने 2010 में पहली बार चुनाव जीता था। फिर 2020 एवं 2025 में चुनाव जीते।

डॉ. राम चन्द्र
प्रसाद उम्र-59 वर्ष शिक्षा-पीएचडी। हायाघाट विधानसभा सीट से दूसरी बार विधायक। ये दरभंगा जिला परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं। इनकी पहचान भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में रही है।

अरुण शंकर प्रसाद
उम्र-65 वर्ष। शिक्षा-स्नातकोत्तर। वर्तमान में खजौली विधानसभा सीट से विधायक। भाजपा के वरिष्ठ नेता और मौजूदा विधायक अरूण शंकर प्रसाद तीसरी बार विधायक बने हैं। पूर्व में ये पर्यटन, कला, संस्कृति एवं युवा मामले विभाग के मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं।

डॉ. संतोष कुमार सुमन
उम्र-51 वर्ष। शिक्षा-पीएचडी। वर्तमान में बिहार विधान परिषद के सदस्य। सूचना प्रौद्योगिकी, लघु सिंचाई और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री के रूप में कार्य करने का अनुभव। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के पुत्र के रूप में भी पहचान।

संजय कुमार सिंह
उम्र-45 वर्ष। शिक्षा-स्नातक। 2025 में महुआ विधानसभा सीट से लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास के टिकट पर पहली बार विधायक बने और नीतीश सरकार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री बने। इनकी पहचान कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में भी है।

नंदकिशोर राम
उम्र-53 वर्ष । शिक्षा-स्नातक। 2025 में रामनगर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर पहली बार विधायक बने नंदकिशोर राम सम्राट चौधरी कैबिनेट में मंत्री बने हैं। ये भाजपा के जमीनी कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं और बगहा भाजपा के उपाध्यक्ष रह चुके हैं।

दीपक प्रकाश
उम्र-36 वर्ष। शिक्षा-इंजीनियरिंग। ये राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता हैं और पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र हैं। 2025 में नीतीश सरकार में पंचायती राज मंत्री के रूप में कार्य किया। वर्तमान में ये किसी सदन के सदस्य नहीं हैं।

संजय कुमार
उम्र-52 वर्ष। शिक्षा-देवघर विद्यापीठ से स्नातक। 2025 में बखरी विधानसभा सीट से लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास के टिकट पर पहली बार विधायक बने और नीतीश सरकार में गन्ना उद्योग मंत्री बनाए गए।

रामकृपाल यादव
उम्र-68 वर्ष। शिक्षा-स्नातक व एलएलबी। इनका राजनीतिक यात्रा वार्ड पार्षद के रूप में शुरू हुई। पहली बार दानापुर विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित। इससे पहले पांच बार सांसद, एक बार राज्यसभा के सदस्य और विधान परिषद के भी एक बार सदस्य रहे।

श्रवण कुमार
उम्र-68 वर्ष। शिक्षा-12वीं पास। 1995 से नालंदा विधानसभा सीट से लगातार विधायक। 2006 से ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में कार्य करने का अनुभव। वर्तमान में जदयू विधान मंडल दल के नेता।

निशांत कुमार
उम्र-44 वर्ष। शिक्षा-इंजीनियरिंग। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र के रूप में पहचान। जदयू के युवा नेता के रूप में लोकप्रिय। जदयू के सक्रिय सदस्य बने। हाल में उन्होंने पं. चंपारण की दो दिवसीय सदभाव यात्रा किया।

शीला कुमारी
उम्र-55 वर्ष। शिक्षा-एमए। 2020 में फुलपरास विधानसभा सीट से जदयू के टिकट पर दूसरी बार विधायक। 2020 में ये नीतीश सरकार में परिवहन मंत्री बनी। उनके ससुर धनिक लाल मंडल भी राजनीतिज्ञ थे और हरियाणा के राज्यपाल भी रह चुके थे।

लेशी सिंह
उम्र-52 वर्ष। शिक्षा-बारहवीं पास। 2000 से धमदाहा विधानसभा क्षेत्र से समता पार्टी के टिकट पर पहली बार विधायक बनी। इसके बाद जदयू के टिकट पर पांच बार विधायक हुई। वर्तमान में धमदाहा सीट से विधायक। पूर्व में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री के रूप में कार्य कर चुकी हैं।

भगवान सिंह कुशवाहा
उम्र-61 वर्ष। शिक्षा-मैट्रिक। वर्ष 1990 में जगदीशपुर विधानसभा सीट से इंडियन पीपुल्स फ्रंट के टिकट पर पहली बार विधायक बने। इसके बाद 2000, 2005 एवं 2025 में जगदीशपुर से विधायक निर्वाचित। ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में कार्य करने का अनुभव।

मंत्री रत्नेश सदा
उम्र-60 । शिक्षा-स्नातक। सोनवर्षा (सुरक्षित) विधानसभा सीट से तीसरी बार विधायक। पूर्व में नीतीश सरकार में मंत्री के रूप में कार्य कर चुके रत्नेश सदा जनता दल यूनाइटेड के महादलित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

मदन सहनी
उम्र-54 वर्ष। शिक्षा-स्नातक। वर्तमान में बहादुरपुर विधानसभा सीट से तीसरी बार विधायक। एक बार ये गौरा बौराम सीट (2015-2020) से भी विधायक रहे। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण एवं समाज कल्याण विभाग के मंत्री के रूप में कार्य करने का अनुभव।

अशोक चौधरी
उम्र-58 वर्ष। शिक्षा-पीएचडी। 2000 में बरबीघा विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित। वर्तमान में विधान परिषद के सदस्य। कारा विभाग, शिक्षा विभाग, भवन निर्माण विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री के रूप में कार्य करने का लंबा अनुभव।

शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल
उम्र-51 वर्ष। शिक्षा-बारहवीं पास। 2000 से अपना राजनीतिक करियर शुरू करने वाले शैलेश कुमार भागलपुर लोकसभा क्षेत्र) से सांसद रह चुके हैं। 2014 में उन्होंने सैयद शाहनवाज हुसैन को भागलपुर लोकसभा सीट से हराया था। 2000 से 2010 तक विधायक रहे।

सुनील कुमार
उम्र-66 वर्ष। शिक्षा-एमए। भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी रहे सुनील कुमार भोरे विधानसभा सीट से दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए। 2020 में नीतीश सरकार में निषेध उत्पाद शुल्क एवं निबंधन विभाग बने।इसके बाद 2025 में शिक्षा विभाग के मंत्री बने।

मो. जमा खान
उम्र-53 वर्ष। शिक्षा-बारहवीं पास। 2020 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चैनपुर विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बने। जीतने के बाद जदयू में शामिल हुए और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हुए। 2025 में चैनपुर सीट से जीते और फिर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बने।

दामोदर रावत
उम्र-66 वर्ष। शिक्षा-एमए। झाझा विधानसभा क्षेत्र से छठी बार विधायक। जदयू के एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग समेत कई विभाग के मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं।