बिहार में पक्का घर चाहिए तो तैयार रखें ये जरूरी दस्तावेज, नहीं तो अटक सकती है राशि

बिहार में पीएम आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के लिए आवेदन करते समय आधार कार्ड सबसे जरूरी दस्तावेज माना जाता है. आवेदक को आधार कार्ड की Self Attested (स्व-प्रमाणित) कॉपी जमा करनी होती है. अगर आवेदक पढ़ा-लिखा नहीं है तो हस्ताक्षर की जगह अंगूठे का निशान भी लगाया जा सकता है. इसके अलावा पहचान के लिए वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड या अन्य मान्य पहचान पत्र भी मांगे जा सकते हैं.

बैंक खाता और वित्तीय जानकारी
इस योजना के तहत मिलने वाली राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है. इसलिए आवेदन के समय बैंक खाते की पूरी जानकारी देना जरूरी होता है. आवेदक को बैंक पासबुक की फोटो कॉपी या बैंक खाते से जुड़ा दस्तावेज जमा करना होता है, ताकि सरकार की ओर से मिलने वाली किस्त सीधे खाते में ट्रांसफर की जा सके.

मनरेगा जॉब कार्ड भी जरूरी
बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में पीएम आवास योजना ग्रामीण के लाभार्थियों के लिए मनरेगा (MGNREGA) जॉब कार्ड भी महत्वपूर्ण दस्तावेज है. आवेदन के दौरान मनरेगा से जारी जॉब कार्ड की कॉपी जमा करनी होती है. इससे यह सुनिश्चित होता है कि आवेदक ग्रामीण क्षेत्र का पात्र व्यक्ति है.

स्वच्छ भारत मिशन (SBM) पंजीकरण नंबर
पीएम आवास योजना ग्रामीण को स्वच्छ भारत मिशन से भी जोड़ा गया है. इसलिए आवेदन करते समय स्वच्छ भारत मिशन (SBM) का पंजीकरण नंबर देना जरूरी होता है. इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि लाभार्थी स्वच्छता अभियान से भी जुड़ा हुआ है और घर के साथ शौचालय निर्माण को बढ़ावा दिया जा सके.

स्व-घोषणा पत्र और अन्य जरूरी कागजात
बिहार में इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को एक Affidavit या स्व-घोषणा पत्र देना होता है, जिसमें यह लिखना पड़ता है कि उसके पास पहले से कोई पक्का मकान नहीं है. इसके अलावा आवेदन के साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो और आय प्रमाण पत्र भी जमा करना पड़ सकता है, ताकि यह तय किया जा सके कि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे.