बिहार में स्कूल में बेटे की मौत..महीनों तक न्याय की गुहार, फिर मां ने सल्फास खाकर दी जान

दरभंगा: बिहार में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आयी है. बेटे की मौत के तीन महीने बाद मां ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली. न्याय की मांग करते करते खुद को नहीं झेल पायी और जान दे दी.

‘बेटे का स्कूल में कराया था नामांकन’: यह दर्दनाक घटना दरभंगा के लहेरियासराय में मंगलवार को घटी. मृतक की पहचान मनीष देवी के रूप में हुई है. मृतक के भाई शिवशंकर कुमार ने बताया कि मनीषा ने तीन महीने पूर्व अपने बेटे का लहेरियासराय के एक निजी स्कूल में दूसरी कक्षा में नामांकन कराया था.

‘स्कूल के बाथरूम में मिला शव’: कश्यम (9) हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता था. स्कूल ज्वाइन किए 19 दिन ही हुए थे कि कश्यप का शव स्कूल के बाथरूम की खिड़की में लगे फंदे से लटका मिला. जानकारी होने के बाद परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की.

कार्रवाई की गुहार लगाती रही मनीषा: इस मामले में मौके पर पहुंची पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. बेटे की मौत से आहत मनीष लगातार पुलिस थाना और अधिकारी के कार्यालय का चक्कर लगाती रही, लेकिन जांच में कुछ भी सामने नहीं आया.

‘पुलिस की रवैया झेल नहीं पायी’: शिवशंकर कुमार ने बताया कि पुलिस के द्वारा कार्रवाई के बदले डांट लगायी जाती थी. इकलौते बेटे की मौत का सदमा और ऊपर से पुलिस की रवैया को झेल नहीं पायी. सल्फास खाकर आत्महत्या: मंगलवार की सुबह बहन की तबीयत बिगड़ गयी थी. हमें लगा कि बेटे के सदमे के कारण ऐसा हुआ है. जब अस्पताल ले गए तो पता चला कि सल्फास (जहर) खा लिया है. डॉक्टर ने वहां से डीएमसीएच रेफर कर दिया, लेकिन इलाज के दौरान मौत हो गयी.

“मेरी बहन न्याय के लिए थाना, डीएसपी, एसपी, आईजी तक न्याय की गुहार लगाते रही, लेकिन स्कूल पर आजतक कुछ नहीं हुआ. सभी लोगों को स्कूल संचालक ने मैनेज कर रखा हुआ है. अंत में मेरी बहन जहर खाकर अपनी लीला समाप्त कर ली.” -शिवशंकर कुमार, मृतका का भाई

छानबीन के लिए पहुंची स्कूल: इधर, महिला की आत्महत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस छानबीन शुरू कर दी है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. परिजन अपने मांग पर टिके हैं. अब पुलिस के सामने दो-दो घटना को सुलझाना चुनौती है.

“घटना की जानकारी मिली है. महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. मामले में पूछताछ की जा रही है. रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.” -हरिन्दर कुमार, थानाध्यक्ष, लहेरियासराय

वीआईपी नेता ने सरकार पर उठाए सवाल: इधर, परिजन से मिलने पहुंचे वीआईपी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमेश साहनी ने कहा कि इस सरकार में गरीब लोगों को न्याय की उम्मीद छोड़ ही देना चाहिए. यदि प्रशासन सही समय से जांच कर स्कूल पर कार्रवाई की रहती तो आज मनीषा जिंदा होती.