गोपालगंज: सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले ने बिहार के लाखों शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है. दरअसल, सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य कर दिए जाने के बाद राज्य के करीब 2 लाख 60 हजार से अधिक शिक्षकों की नौकरी पर सवाल खड़े हो गए हैं. इस मामले पर बिहार सरकार ने कानूनी पहलुओं की समीक्षा शुरू कर दी है. शिक्षा मंत्री मिलिलेश तिवारी ने TRE-4 बहाली को लेकर भी बड़ा अपडेट दिया है.
शिक्षा मंत्री ने कहा-लीगल टीम कर रही है अध्ययन
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बिहार सरकार सतर्क हो गई है. कोर्ट ने सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य कर दिया है. इस फैसले के बाद बिहार के करीब 2 लाख 60 हजार से अधिक शिक्षकों के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार की लीगल टीम कोर्ट के आदेश का अध्ययन कर रही है. उन्होंने बताया कि सभी कानूनी और तकनीकी पहलुओं की समीक्षा के बाद सरकार अपना अगला कदम तय करेगी. इस मुद्दे पर सोमवार को उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ विस्तृत बैठक भी बुलाई गई है.
सरकार के अगले कदम पर टिकी शिक्षकों की निगाहें
सुप्रीम कोर्ट के फैसले और TRE-4 बहाली को लेकर बिहार के लाखों अभ्यर्थियों और शिक्षकों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है. आने वाले दिनों में होने वाली बैठक के बाद इस पूरे मामले में तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है.
TRE-4 को लेकर मांगा गया विषयवार रिक्तियों का विवरण
वहीं बिहार में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया के चौथे चरण यानी TRE-4 को लेकर भी शिक्षा मंत्री ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न स्कूलों से विषयवार रिक्तियों का विवरण मांगा गया है. रिक्तियों की अंतिम सूची प्राप्त होने के बाद जुलाई महीने में बहाली की अधिसूचना BPSC को भेजी जाएगी. मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल उन्हीं पदों पर नियुक्ति करेगी, जो वर्तमान में रिक्त हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को भी इसी दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है.