पटना: हाय रे गर्मी! आने वाले कुछ ही दिनों में आपके मुंह से यह शब्द निकलने वाला है. दरअसल, बिहार में मार्च महीना शुरू होते ही गर्मी ऋतु की शुरुआत हो गई है. मई तक बिहार का मौसम एकदम गर्मी वाला रहेगा. उसके बाद प्री मानसून शुरू होगा. फिलहाल मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने संकेत दिया है कि मार्च से लेकर मई तक बिहार का तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है. मौसम विभाग के ताजा विश्लेषण के अनुसार बिहार के कई जिलों में अधिकतम तापमान लगातार बढ़ रहा है. एक्सपर्ट कहते हैं कि इस साल गर्मी जल्दी और ज्यादा तेज हो सकती है.
मार्च से मई तक, पीक पर रहेगी गर्मी
पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के प्रमुख आशीष कुमार की मानें तो मार्च से मई तक बिहार के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है. अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है. इस वजह से दिन और रात दोनों समय तापमान में बढ़ोतरी देखी जा सकती है. इसीलिए गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस होगा.
शहर तापमान अधिकतम/न्यूनतम AQI
पटना 31.0/18.4 134
मुजफ्फरपुर 30.0/17.2 140
गयाजी 32.0/16.8 144
पूर्णिया 30.4/17.1 120
नोट- ( ये आंकड़े मंगलवार के हैं )
इस बार हीटवेव का ज्यादा होगा असर
मार्च से मई के दौरान पूर्वी एवं पूर्व-मध्य भारत में सामान्य से अधिक हीटवेव दिनों की संभावना व्यक्त की गई है. क्योंकि बिहार पूर्वी भारत में स्थित है. इसीलिए राज्य के कई जिलों में सामान्य से अधिक हीटवेव की घटनाएं हो सकती हैं. खासतौर पर अप्रैल और मई महीने में हीट वेव पीक पर रहेगा. शहरी क्षेत्रों में हीट आइलैंड प्रभाव के कारण तापमान का प्रभाव अधिक हो सकता है.
गर्मी ज्यादा नही, लंबे समय तक रहेगी
इसको सरल भाषा में समझा जाए तो मार्च से लेकर मई तक गर्मी जल्दी शुरू होकर ज्यादा समय तक और ज्यादा तीखी रह सकती है. राज्य के कई जिलों में तापमान लंबे समय तक 40°C या उससे ऊपर रह सकता है, खासकर अप्रैल और मई में जब गर्मी अपने चरम पर होती है. शहरों में स्थिति और कठिन हो सकती है, क्योंकि कंक्रीट की इमारतें, सड़कें और वाहन गर्मी को सोखकर देर तक छोड़ते हैं. इसे हीट आइलैंड प्रभाव कहा जाता है. इससे रात में भी राहत नहीं मिलती है. इस चेतावनी का मतलब है कि इस साल गर्मी सिर्फ ज्यादा नहीं पड़ेगी, बल्कि लंबे समय तक परेशान भी कर सकती है. इसलिए लोगों को अभी से बचाव और तैयारी शुरू कर देनी चाहिए.
जानें बचने के लिए क्या करना होगा
इस दौरान प्यास लगे या नहीं, हर थोड़ी देर में पानी, नींबू पानी, छाछ या ORS लें. ताकि शरीर डिहाइड्रेट न हो. दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें. अगर निकलना जरूरी हो तो छाता, टोपी या गमछा इस्तेमाल करें. खिड़कियों पर पर्दे लगाएं. दिन में दरवाजे बंद रखें और शाम को हवा आने दें. ज्यादा तला-भुना या मसालेदार खाना शरीर का ताप बढ़ाता है. दही, फल और सलाद लें. बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें. इन्हें धूप से दूर रखें और पानी देते रहें. चक्कर, तेज प्यास, सिर दर्द या उल्टी लगे तो तुरंत छांव में जाए. पानी पीएं और जरूरत हो तो डॉक्टर से संपर्क करें.
जानें आज क्या है मौसम की स्थिति
मौसम के आंकड़ों के अनुसार राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी जिलों में तापमान अभी से ही सामान्य से 2-3 डिग्री ऊपर चल रहा है. दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी बढ़ रहा है. होली के बाद दिन और रात के तापमान में 4°C तक की वृद्धि होने की संभावना है. यानी, होली बाद दिन का तापमान 35°C से 40°C के बीच रिकॉर्ड किया जा सकता है.