पटना: बिहार की सम्राट सरकार के आज 100 दिन पूरे हो रहे हैं. बिहार की सियासत और शासन व्यवस्था के लिहाज से आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहा है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज शाम 5:00 बजे मुख्य सचिवालय के कैबिनेट हॉल में एक उच्च स्तरीय कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे. इस बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगने की पूरी संभावना है. प्रशासनिक गलियारों से लेकर आम जनता तक की नजरें आज होने वाले फैसलों पर टिकी हुई हैं.
100 दिन पूरे होने पर नौकरी की उम्मीदें : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार जल्द ही अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे करने जा रही है. ऐसे में चुनावी वादों और संकल्पों को धरातल पर उतारने के लिए सरकार पूरी तरह रेस नजर आ रही है. आज की कैबिनेट बैठक में खासकर नौकरी और रोजगार से संबंधित बड़े फैसलों पर सबकी नजर रहेगी. युवाओं को रोजगार के नए अवसर देने के लिए सरकार कुछ बड़े और नीतिगत निर्णय ले सकती है.
बेरोजगार युवाओं को ₹1000 का संबल: इस योजना के तहत बिहार सरकार 20 से 25 वर्ष की आयु वर्ग के उन बेरोजगार युवाओं को वित्तीय मदद देती है, जिन्होंने 12वीं या उसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है. इन युवाओं को आगे बढ़ने और रोजगार तलाशने के लिए 2 साल तक ₹1000 प्रति माह की दर से स्वयं सहायता भत्ता दिया जाता है. आज शाम होने वाली बैठक में भी इसी तरह के कई अन्य जन-कल्याणकारी फैसलों पर अंतिम मुहर लगने की पूरी उम्मीद है.
महिला स्वरोजगार के लिए लंबित किस्त: इस बैठक में महिलाओं से जुड़े एक बड़े और लंबित मामले पर भी फैसला होने की उम्मीद है. महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भर बनाने के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि की दूसरी किस्त काफी समय से लंबित है. माना जा रहा है कि सरकार इसी महीने इस राशि को जारी करने की तैयारी में है, जिसके लिए आज की कैबिनेट बैठक में बजटीय और प्रशासनिक स्वीकृति दी जा सकती है.
पिछले फैसले और चार रैपिड रेल कॉरिडोर: गौरतलब है कि इससे पिछले सप्ताह हुई कैबिनेट की बैठक में भी नीतीश-सम्राट सरकार ने चौतरफा विकास को लेकर 22 बड़े एजेंडों पर अपनी मुहर लगाई थी. उस बैठक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक फैसला परिवहन बुनियादी ढांचे को लेकर था. सरकार ने पटना से चार प्रमुख शहरों- मुजफ्फरपुर, आरा, गया और बेगूसराय के लिए रैपिड ट्रेन चलाने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी थी, जिससे बिहार में कनेक्टिविटी का एक नया दौर शुरू होगा.
स्वयं सहायता भत्ता योजना का विस्तार: इसके साथ ही, पिछली बैठक में युवाओं के आर्थिक संबल के लिए ‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना’ को लेकर भी दूरगामी फैसला लिया गया था. सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इसके तहत 300 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की थी. इतना ही नहीं, इस कल्याणकारी योजना को भविष्य में साल 2030-31 तक के लिए विस्तारित करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने अपनी सहमति दे दी थी.