बिहार में फैल रहा है लॉरेंस विश्नोई गैंग, पटना पुलिस के हत्थे चढ़े चार सदस्य

पटना:लॉरेंस विश्नोई गैंग बिहार में पांव पसार रहा है. इसके चार सदस्य पटना पुलिस के हत्थे चढ़े हैं. कल ही मसौढ़ी में लॉरेंस विश्नोई गैंग के सदस्य परमानंद यादव और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी. मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम ने परमानंद यादव के पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार किया था. परमानंद यादव से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके तीन सहयोगी को बेउर थाना क्षेत्र स्थित बाईपास से गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के दौरान गैंग के सदस्यों के पास से नेपाली करेंसी और पासपोर्ट भी पटना पुलिस ने बरामद किया है.

गिरफ्तार किए गए परमानंद यादव झारखंड के लातेहार का रहने वाला है. उस पर हत्या, रंगदारी और लूट के 3 दर्जन मामले दर्ज हैं. पटना पुलिस को जैसे ही सूचना मिली कि विश्नोई गैंग का शूटर परमानंद मसौढ़ी की तरफ भाग रहा है उसी समय पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया.

आपको बता दें कि लारेंस विश्नोई को राजस्थान के सीकर के पूर्व सरपंच सरदार राव की हत्या मामले का भी आरोप था. इस मामले में सीकर की एडीजे अदालत ने फैसला सुनाया है. फैसले के तहत गैंगेस्टर लारेंस विश्नोई को इस मामले में बरी कर दिया गया है. एक अन्य आरोपी यतेंद्र को भी दोषमुक्त कर दिया गया है. अदालत सबूतों के अभाव में उन्हें राहत दी है.

छात्र राजनीति के दौरान हुई गुटबाज़ी से शुरू हुआ लॉरेंस बिश्नोई का आपराध अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग तस्करी और टार्गेट किलिंग तक पहुंच गया है. यह गैंग एक बड़ा ड्रग्स नेटवर्क भी चलाता है. पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों की एक श्रेणी बनाई है और उसमें ‘ए’ श्रेणी में वे अभियुक्त रखे जाते हैं जो अधिक गंभीर अपराधों में शामिल हैं और लॉरेंस बिश्नोई गैंग ए कैटेगरी में ही शामिल है. लॉरेंस बिश्नोई पिछले करीब ढाई साल से अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद हैं. इसके बावजूद माना जाता है कि उनका गैंग काफी सक्रिय है.