द केरल स्टोरी 2 जैसी तीन बिहारी लड़कियां; एक जिले की नाबालिग लड़कियों के साथ जो हुआ, वह चेतावनी

दरभंगा : प्रेम जाल में फंसाने वाले प्रेमी के घर तीन महीने बाद लटकी मिली। दूसरी गायब हुई तो कथित प्रेमी से घर वालों को धर्म परिवर्तन कराने की धमकी मिली, लेकिन पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। तीसरी को कथित तौर पर स्वाजातीय लड़की ने गायब किया और फिर वह बिकती हुई पश्चिम बंगाल के वेश्यालय तक पहुंच गई। इसकी किस्मत कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने छापा मारा तो मिल गई। बिहार की यह तीनों लड़कियां नाबालिग थीं-हैं। यह तीनों सिर्फ एक जिले- दरभंगा का मामला है। वह भी ऐसे मामले जो सामने आ चुके हैं। संसद में महिलाओं के साथ हुई नाइंसाफी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बता चुके और बिहार में एक खास टोपी को इनकार कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपनी आस्था जता चुके; लेकिन ‘अमर उजाला’ जमीन पर चल रहे खेल को सामने ला रहा है। यह खेल काफी हद तक उसी तरह का है, जो द केरल स्टोरी 2 में फिल्माया गया है। हम पहचान उजागर नहीं कर रहे, लेकिन चेतावनी के लिए पूरी कहानी सामने ला रहे हैं।

प्रेम स्वीकार कर लिया, मौत नहीं स्वीकार कर पा रहा परिवार
हकीकत की दास्तान सुनाती पहली कहानी कुछ ऐसी है- पासवान जाति की एक नाबालिग लड़की को दूसरे धर्म के एक युवक ने प्रेम जाल में फांस लिया। समझाया कि तुम्हारे घर में परेशानी है, इसलिए जिंदगी बन जाएगी मेरे साथ रहकर। इसी साल जनवरी में लड़की को भगा ले गया वह। पहले डेढ़ महीने गायब रहे दोनों। करीब डेढ़ महीने पहले वह प्रेमी के घर पहुंची। ससुराल मानकर रहने लगी। लड़की के घर वालों ने भी स्वीकार कर लिया कि बेटी जिंदा तो है। पिता के अनुसार, कुछ ही समय बाद धर्म बदलने का दबाव बनाया जाने लगा और फिर एक दिन प्रेमी के घर ही फंदे से लटकी मिली। परिवार न्याय मांग रहा है।

लड़की को फांसा, परिवार को धमकाया, पुलिस को बेकार बताया
हकीकत की दूसरी दास्तान कुछ ऐसी है- यादव जाति की एक नाबालिग लड़की को दूसरे धर्म के एक युवक ने पहले बरगलाया और फिर प्यार का झांसा देकर सपने दिखाए। लड़की पूरी तरह चंगुल में फंस गई, लेकिन परिवार उसकी वापसी पर अड़ा रहा। परिवार अड़ा तो लड़की के कथित प्रेमी ने सोशल मीडिया के जरिए धमकी दी कि जितना भी उछल लो, लेकिन धर्म परिवर्तन करा तुम्हारी बेटी से निकाह करूंगा। बिहार पुलिस के पास फरियाद बेकार गई तो परिजनों ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के निर्देश पर इश्तेहार-कुर्की की कार्रवाई हुई तो अगली धमकी मिली कि पुलिस कुछ नहीं बिगाड़ सकेगी। लड़की का पता नहीं, कथित प्रेमी पुलिस की पकड़ से दूर है। परिवार न्याय मांग रहा।

लड़की को लड़की फांस ले गई, बेचने वालों ने वेश्यालय पहुंचाया
हकीकत यह तीसरी दास्तान कुछ ऐसी है- धानुक जाति की एक नाबालिग लड़की को स्वाजातीय लड़की ने बरगलाया। परिवार वालों ने प्राथमिकी में उसका नाम भी दिया था कि उसका चरित्र गलत है और किसी के इशारे पर वह उनकी बेटी को बरगला कर ले गई है। यह जनवरी 2025 की बात थी। 16 अक्टूबर 2025 को नाबालिग लड़की पश्चिम बंगाल पुलिस की मदद से वापस दरभंगा स्थित घर पहुंची तो पूरी कहानी सामने आई। उसके साथ गायब हुई लड़की का बिहार पुलिस पता नहीं कर सकी है। नाबालिग लड़की ने पश्चिम बंगाल पुलिस को बताया कि कैसे उसे दरभंगा से मुजफ्फरपुर, वहां से मोतिहारी तक बेचा गया। फिर पूर्णिया के धंधेबाज ने पश्चिम बंगाल के दिनाजपुर रेड लाइट एरिया तक सौदा किया। इस मामले में सैफ, हाफिज़ा, शाहजहां, सज्जाद की गिरफ्तारी होकर रह गई। नेटवर्क का खुलासा बाकी है।