पटना: Tej Pratap Yadav: बिहार में मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ ही प्रदेश में उनके करीब दो दशक पुराने शासन का अंत हो गया। लेकिन इस विदाई के बीच सबसे ज्यादा चर्चा लालू प्रसाद यादव के बड़े लाल और ‘जनशक्ति जनता दल’ के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव के बयान की हो रही है। एक चैनल पर खास बातचीत में तेज प्रताप ने नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की और उन्हें 10 में से 9 नंबर देकर सबको हैरान कर दिया।
“चाचा सीनियर हैं, हम तो अभी बच्चे हैं”
जब तेज प्रताप से पूछा गया कि वह नीतीश कुमार के कार्यकाल को कैसे देखते हैं, तो उन्होंने बेहद बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार हमारे पिता लालू प्रसाद यादव के पुराने साथी रहे हैं। वह हमारे चाचा के समान हैं और राजनीति में बहुत सीनियर हैं। हम लोग तो अभी उनके सामने बच्चे हैं।” दिलचस्प बात यह रही कि जब उन्हें याद दिलाया गया कि उनकी माता राबड़ी देवी को हटाकर ही नीतीश सीएम बने थे, तो तेज प्रताप ने कहा कि राजनीति में उलटफेर चलते रहते हैं, लेकिन व्यक्तिगत संबंध अपनी जगह हैं। उन्होंने मजाकिया लहजे में नीतीश कुमार की एक खूबी भी गिनाई और कहाँ कि “चाचा काम के दौरान न्यूट्रल रहते थे और जिस तरह वह अपना पेट सहलाते हैं, वह मुझे बहुत अच्छा लगता है।”
सम्राट चौधरी से उम्मीदें और तेजस्वी से तल्खी
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और दिल्ली शिफ्ट होने के बाद अब बिहार की कमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हाथों में है। आरजेडी और अपने परिवार से निष्कासित होने के बाद अपनी नई पार्टी बनाने वाले तेज प्रताप ने नए सीएम सम्राट चौधरी को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्राट चौधरी, नीतीश कुमार के अधूरे कामों को पूरा करेंगे और युवाओं को रोजगार देंगे। इस बयान को उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव पर एक तंज के रूप में भी देखा जा रहा है। गौरतलतब है कि अनुष्का यादव विवाद के बाद लालू यादव ने तेज प्रताप को पार्टी और परिवार से बाहर कर दिया था।
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तेज प्रताप यादव ने बातचीत के दौरान अपने भाई तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उनके राजद (RJD) से बाहर होते ही पार्टी का पतन शुरू हो गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज महज 25 विधायकों पर सिमट कर रह गई है। तेज प्रताप ने यहाँ तक कह दिया कि तेजस्वी जनता से पूरी तरह कट चुके हैं और उनमें जनसंपर्क की कमी है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में यह भी जोड़ा कि आज राजद की स्थिति इतनी नाजुक है कि उनके बचे हुए 25 विधायकों को कोई भी कभी भी तोड़ सकता है।
नया सियासी समीकरण क्या होगा?
बता दें कि नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा था। इसके बाद 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। नीतीश कुमार अब देश की राजनीति में अपनी नई पारी शुरू कर रहे हैं, लेकिन बिहार में उनके पीछे छोड़ी गई विरासत और तेज प्रताप जैसे विरोधियों से मिली ‘फुल रेटिंग’ चर्चा का विषय बनी हुई है।