बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की धमाकेदार जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी अब अन्य चुनावी राज्यों- पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु पर पूरी ताकत से ध्यान केंद्रित कर रही है। पार्टी का मानना है कि बिहार में अपनाई गई रणनीतियों और मैनेजमेंट मॉडल को इन राज्यों में भी लागू कर कर चुनावी लाभ प्राप्त कर सकती है।
इसी रणनीति पर आगे की रूपरेखा तैयार करने के लिए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 26 नवंबर को अपने दिल्ली स्थित आवास पर एक डिनर मीटिंग बुलाई है। इस बैठक में उन सभी नेताओं को आमंत्रित किया गया है जिन्होंने बिहार चुनाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इकोनॉमिक टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि बैठक में नड्डा उन नेताओं को सम्मानित भी करेंगे जिन्होंने बिहार में पार्टी की सफलता सुनिश्चित करने में अहम योगदान दिया।
इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बिहार चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, तथा राज्य प्रभारी विनोद तावड़े भी मौजूद रहेंगे। विभिन्न राज्यों से तैनात किए गए 50 से अधिक सांसद और वरिष्ठ नेता भी इस समीक्षा बैठक में शामिल होंगे। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
मुख्य एजेंडा: बिहार मॉडल की समीक्षा और नए राज्यों के लिए रोडमैप
बैठक का प्रमुख उद्देश्य बिहार चुनाव अभियान की विस्तृत समीक्षा करना, सफल रणनीतियों को चिन्हित करना और इन रणनीतियों को बंगाल और असम के आगामी चुनावों में लागू करने के लिए रोडमैप तैयार करना है।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि बिहार में प्रभावी साबित हुए बूथ मैनेजमेंट, सोशल आउटरीच और ग्राउंड कैम्पेनिंग जैसे मॉडल को अगर बंगाल और असम में और मजबूत तरीके से लागू किया जाए तो परिणाम अत्यंत लाभकारी हो सकते हैं।
बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी तैयारी तेज
पार्टी पहले ही इन राज्यों के लिए चुनाव प्रभारी नियुक्त कर चुकी है। पश्चिम बंगाल के लिए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को चुनाव प्रभारी बनाया गया है, जबकि त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब सह-प्रभारी होंगे। तमिलनाडु के लिए बैजयंत पांडा को प्रभारी तथा केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहो को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।
बंगाल को पांच जोन में बांटा, वरिष्ठ नेताओं की तैनाती
भाजपा ने पश्चिम बंगाल को पांच जोन में विभाजित कर वहां संगठनात्मक जिम्मेदारियां बांटी हैं। कोलकाता महानगर और दक्षिण 24 परगना में हिमाचल प्रदेश के संगठन महामंत्री एम सिद्धार्थन की तैनाती की गई है, जिन्हें वरिष्ठ नेता सीटी रवि सहयोग देंगे। हावड़ा, हुगली और मिदनापुर क्षेत्र की जिम्मेदारी दिल्ली के संगठन महामंत्री पवन राणा को दी गई है, जबकि हरियाणा के वरिष्ठ नेता संजय भाटिया उनके साथ काम करेंगे। मिदनापुर डिविजन में यूपी के मंत्री जेपीएस राठौर भी तैनात किए गए हैं। अन्य जोनों में उत्तराखंड के मंत्री धन सिंह रावत, यूपी के पूर्व मंत्री सुरेश राणा और पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
रणनीति: जमीनी स्तर पर सशक्त पकड़ बनाने की तैयारी
पार्टी का उद्देश्य है कि बिहार में सफल रहे जमीनी स्तर के चुनाव अभियानों- जैसे वार्ड और बूथ स्तर पर सघन संपर्क, सामाजिक समीकरणों का सटीक आकलन, तथा स्थानीय स्तर के माइक्रो मैनेजमेंट को बंगाल और असम में और अधिक आक्रामक तरीके से लागू किया जाए। बिहार परिणामों के बाद भाजपा में उत्साह का माहौल है और पार्टी नेतृत्व आगामी राज्यों में इसी उत्साह को आगे बढ़ाने की कोशिश में है। अब देखने वाली बात यह होगी कि ‘बिहार मॉडल’ पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु में भाजपा की उम्मीदों को कितना वास्तविक राजनीतिक लाभ दिला पाता है।