कब होंगे बिहार पंचायत चुनाव, आरक्षण मिलेगा कि नहीं? राज्य निर्वाचन आयोग ने दिया बड़ा अपडेट

पटना. पंचायत चुनाव को लेकर फैले भ्रम के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए अहम निर्देश जारी किए हैं. आयोग ने साफ किया है कि पंचायतों में आरक्षण को लेकर सोशल मीडिया पर जो भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं, उनका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है. राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पंचायत के विभिन्न पदों के लिए आम चुनाव दिसंबर 2026 से पहले करा लिए जाएंगे और इसकी तैयारियां समय पर पूरी की जाएंगी. राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार पंचायत चुनाव मल्टी पोस्ट EVM के जरिए कराए जाएंगे. इससे चुनाव प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी, तेज और सुरक्षित होगी.

आयोग के मुताबिक मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के पदों पर आरक्षण का काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा. आयोग ने यह भी बताया कि नियम के अनुसार पंचायत में हर दो चुनाव के बाद पदों का आरक्षण बदला जाता है. वर्ष 2016 और 2021 में पंचायत चुनाव कराए गए थे, ऐसे में अब 2026 से पहले होने वाले चुनाव में सभी पदों पर नए सिरे से आरक्षण लागू किया जाएगा.

इसका मतलब है कि इस बार सभी पंचायत पदों के लिए आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ किया कि आरक्षण प्रक्रिया पूरी तरह संविधान और पंचायत अधिनियम के प्रावधानों के तहत की जा रही है. इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए तय आरक्षण नियमों का पूरी तरह पालन किया जाएगा. आयोग ने यह भी कहा कि किसी भी पंचायत या पद को लेकर कोई असमंजस की स्थिति नहीं है.

सोशल मीडिया पर आरक्षण को लेकर अफवाह फैलने के बाद आयोग ने हस्तक्षेप करते हुए लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. आयोग ने चेतावनी दी है कि गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है. राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पंचायत चुनाव लोकतंत्र की जड़ हैं और इसे समय पर, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराना आयोग की प्राथमिकता है. आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव की तारीखों और कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा की जाएगी.

कुल मिलाकर, राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों से यह साफ हो गया है कि पंचायत चुनाव न तो टाले जाएंगे और न ही आरक्षण को लेकर कोई अनिश्चितता है. दिसंबर 2026 से पहले राज्य में पंचायतों के आम चुनाव कराए जाएंगे और सभी पदों पर आरक्षण लागू होगा.