पटनाः बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने रविवार को दावा किया कि विपक्षी महागठबंधन के कई विधायक सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के संपर्क में हैं. पासवान के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम करने की इच्छा से विपक्षी विधायक खुद NDA से संपर्क कर रहे हैं.
कई विधायक NDA के साथ आने को तैयार
दरअसल, पत्रकारों ने उनसे यह सवाल पूछा था कि क्या कांग्रेस के कम से कम चार विधायक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के संपर्क में हैं? इस पर पासवान ने कहा कि वह किसी एक पार्टी का नाम नहीं लेंगे, लेकिन यह बात सही है कि विपक्ष के कई विधायक NDA के साथ आने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि लोग अब समझ चुके हैं कि विकास और जनता की सेवा केवल मोदी जी के नेतृत्व में संभव है. इसलिए विपक्ष के कई विधायक NDA के संपर्क में हैं.
एनडीए ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई
बता दें कि हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में NDA ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई है. जबकि कांग्रेस को सिर्फ छह सीटों पर जीत मिली थी. कांग्रेस ने पासवान के दावे को पूरी तरह खारिज किया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि हर चुनाव के बाद इस तरह की अफवाहें फैलती रहती हैं. उन्होंने कहा कि 2020 के चुनाव के बाद भी यही चर्चा हुई थी, लेकिन हमारे सभी 19 विधायक हमारे साथ थे. अब भी हमारे विधायक कहीं नहीं जा रहे. NDA सिर्फ भ्रम फैलाने में लगा है.
बयान ने राजनीति में हलचल मचा दी
चिराग पासवान ने विपक्ष पर तीखे शब्दों में हमला करते हुए कहा कि विपक्ष न तो खुद कोई सकारात्मक काम करता है. न ही सरकार को काम करने देता है. उन्होंने कहा कि संसद के हर सत्र में विपक्ष सिर्फ शोर मचाता है. विकास कार्यों में बाधा डालता है. कल से संसद का नया सत्र शुरू हो रहा है. हमें फिर से इसी तरह की राजनीति की आशंका है. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार विधानसभा का सत्र भी जल्द शुरू होने वाला है. विपक्ष वहां भी हंगामा खड़ा करने की कोशिश करेगा. पासवान के इस बयान ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है. अब देखने वाली बात होगी कि क्या वाकई विपक्ष के विधायक NDA में शामिल होते हैं या यह केवल राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति है.