Bisleri Success Story: आज-कल हर दूसरा शख्स स्टार्टअप्स की बात करता है. लोग नए-नए बिजनेस आइडिया लेकर आ रहे हैं. कोई कबाड़ से करोड़ों की कमाई कर रहा है, तो कोई AI से. कुछ ने तो जो चीज फ्री में मिलने वाली चीजों को बेचकर भी करोड़ों का कारोबार खड़ा कर लिया. ऐसा ही एक बिजनेस आइडिया साल 1969 में जयंतीलाल चौहान को आया. जब उन्होंने इसके बारे में बात की, तो लोगों ने उन्हें पागल समझ लिया, लेकिन आज वो बिजनेस 7000 करोड़ रुपये से आंकड़े को पार कर चुका है.
सिर्फ भारत में इसका मार्केट साइज 9.14 अरब डॉलर का पहुंच चुका है. साल 2031 तक ये सेक्टर 14.97 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा. जरा सोचकर देखिए, जो चीज आपको फ्री में मिलती है, उसके लिए आप पैसे ले रहे हैं. उस फ्री में मिलने वाली चीज से कंपनी करोड़ों रुपये का मुनाफा कमा रही है.
फ्री के पानी से खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी
नदी-नाले, कुएं, तालाब…भारत में पानी फ्री है. उस देश में 1969 में जयंतीलाल चौहान ने पानी बेचकर कमाई करने के बारे में सोचा था. उनकी उस सोच ने आज बिसलेरी ( Bisleri) को 7000 करोड़ रुपये की कंपनी बना दी. भारत का सबसे पहला और पॉपुलर पैक्ड वॉटर बोतल कंपनी बिसलेरी की मार्केट हिस्सेदारी 32 फीसदी की है.
कौन हैं बिसलेरी के मालिक ?
82 साल के रमेश चौहान के हाथों में बिसलेरी की कमान है, हालांकि अधिकांश जिम्मेदारी उनकी इकलौती बेटी जयंती चौहान निभाती है. इटली से भारत आने वाली कंपनी बिसलेरी शुरुआत में फार्मास्युटिकल कंपनी थी, जो मलेरिया की दवाईयां बेचा करती थी. कंपनी के मालिक Felice Bisleri थे. बाद में सिर्फ 4 लाख रुपये में पारले कंपनी ने इसे खरीद दिया. साल 1965 में डील हुई और कांच की बोतलों में पानी को बेचना शुरू किया. 60 के दशक में फ्री में मिलने वाले पानी से बिजनेस बनाने के फैसले को पागलपन करार दिया गया.
इटली से भारत पहुंची बिसलेरी
1969 में रमेश जे चौहान ने बिसलेरी को खरीद लिया. उनका मकसद इसे सोडा ब्रांड में तब्दील करना था, लेकिन उन्होंने पानी बेचना बंद नहीं किया. जब चौहान ने उसे खरीदा था, भारत में बिसलेरी के सिर्फ 4 स्टोर थे, आज उसका मार्केट कैप 7 हजार करोड़ रुपये के पार जा चुका है. आज बिसलेरी के पास 122 से अधिक ऑपरेशनल प्लांट है. 5000 ट्रक और 4500 से अधिक डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क है.
बेटी को सौंपना चाहते हैं कंपनी, टाटा ने भी खरीदने का बनाया था प्लान
साल 2022 में खबरें आई कि रमेश चौहान कंपनी बेचना चाहते हैं. 85 साल की उम्र में वो कंपनी संभाल रहे हैं और अब वो इसे किसी जिम्मेदार हाथों में सौंपना चाहते हैं. मीडिया में खूब रिपोर्ट्स चली कि उनकी इकलौती बेटी जयंती चौहान को बिसलेरी के कारोबार में खास दिलचस्पी नहीं है, इसलिए वो कंपनी को बेचने की ओर बढ़ रहे हैं. टाटा, रिलायंस जैसी दिग्गज कंपनियां इस कंपनी को खरीदने की होड़ में जुटी थी, हालांकि बाद में सारी खबरें गलत साबित हुई. आज रमेश चौहान की बेटी जयंती बिसलेरी की कमान संभाल रही हैं.
भारत में बोतलबंद पानी का कारोबार
सिर्फ बिसलेरी ही नहीं Kinley, एक्वाफिना, Railneer जैसी तमाम कंपनी बोतलबंद पानी के कारोबार में हैं. भारत दुनिया के उन टॉप 10 देशों में शामिल है, जहां बोतलबंद पानी का इस्तेमाल होता है. ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में बोतलबंद पानी का मार्केटसाइज साल 2023 में 3,792.39 मिलियन अमेरिकी डॉलर का था. साल 2025 में भारत में बोतलबंद पानी का मार्केटसाइज 8.28 अरब डॉलर, साल 2026 में 9.14 अरब डॉलर तक पहुंच गया. साल 2031 में इसके 14.9 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है.
बिसलेरी का सबसे बड़ा कारोबार
इस मार्केट में सबसे बड़ी हिस्सेदारी बिसलेरी की है. मार्केट शेयर में बिसलेरी 40.02% के साथ नंबर वन है, इसके बाद किनले (28.3%) और एक्वाफिना (19.1%) हैं. इसके अलावा Himalayan, Bailley, Kingfisher, Qua, Oxyrich, Rail Neer, Tata Water Plus, Pure Life और McDowell’s No. 1 जैसे ब्रांड इस सेक्टर में है.