8th Pay Commission : केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और श्रमिक परिसंघ ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) में महत्वपूर्ण संशोधन करने की मांग की है. इसमें लगभग 69 लाख पेंशनभोगियों और फैमिली पेंशनभोगियों के लिए पेंशन संशोधन और पेंशन समानता को स्पष्ट रूप से शामिल करने का आग्रह किया गया है.
टर्म्स ऑफ रेफरेंस का नोटिफिकेशन जारी
केंद्र सरकार ने हाल ही में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission – CPC) की टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) का नोटिफिकेशन जारी किया है. ये तीन सदस्यीय समिति न्यायमूर्ति रंजन देसाई की अध्यक्षता में गठित की गई है, जिसका काम केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन की समीक्षा और सिफारिश करना है. हालांकि, नोटिफिकेशन जारी होते ही कर्मचारियों और पेंशनरों के बीच असंतोष फैल गया था. कई कर्मचारी संगठनों ने दावा किया है कि 8वें वेतन आयोग की ToR में कुछ महत्वपूर्ण प्रावधान गायब हैं, जो पहले 7वें वेतन आयोग की ToR में शामिल थे.
वित्त मंत्रालय के 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का स्वागत करते हुए परिसंघ ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस), एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत कर्मचारियों को प्रभावित करने वाली प्रमुख कमियों पर प्रकाश डाला है. परिसंघ ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के लिए पेंशन संरचना, पेंशन संशोधन और सेवानिवृत्ति की तिथि से परे समानता की जांच करने के लिए एक स्पष्ट अधिकारिक आदेश शामिल करने का अनुरोध किया. साथ ही 11 वर्षों के बाद कम्यूटेशन की बहाली, वरिष्ठ पेंशनभोगियों के लिए हर पांच साल में अतिरिक्त पेंशन, सीजीएचएस सेवाओं में सुधार सहित कई संबंधित मामलों पर भी विचार करने को कहा है.
पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग
परिसंघ ने 1 अप्रैल, 2004 के बाद भर्ती हुए 26 लाख कर्मचारियों, जो एनपीएस और यूपीएस से असंतुष्ट हैं. उनके लिए पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग भी दोहराई और 8वें केंद्रीय वेतन आयोग से सभी पेंशन योजनाओं का वैल्यूएशन करने और सबसे लाभकारी योजना की सिफारिश करने का आग्रह किया है. इससे पहले, अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (एआईडीईएफ) ने 4 नवंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे एक पत्र में बताया था कि 8वें वेतन आयोग के लिए टीओआर में ‘पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों’ की जांच का हिस्सा शामिल नहीं है.