Bad Financial Habit: आपके आसपास भी काफी लोग ऐसे होंगे, जो हर महीना अच्छा कमाते हैं लेकिन फिर भी उनके पास पैसे की तंगी बनी रहती है. कारण, वो जितना कमाते हैं उतना ही या उससे भी ज्यादा खर्च कर देते हैं. इस तरह के लोग निवेश के बारे में सोचते ही नहीं या फिर बहुत देर से इनवेस्ट करना शुरू करते हैं. इसका असर यह होता है कि वे कम्पाउंडिंग की कीमती साल गंवा देते हैं. महंगे लोन, समाज के दबाव में खरीदारी और गलत इनवेस्टमेंट इस तरह की समस्या को और बढ़ाता है. एक्स (X) पर सीए नितिन कौशिक ने 9 ऐसी गलतियों के बारे में बताया है, जो लोग बिना जानकारी कर बैठते हैं.
इंश्योरेंस और इनवेस्टमेंट को मिक्स करना
होल लाइफ या एंडोमेंट प्लान ‘सेफ्टी+रिटर्न’ का लालच देते हैं, लेकिन ये न सेफ्टी अच्छी देते हैा और न ही रिटर्न. नॉर्मल टर्म प्लान परिवार को सिक्योर करता है, म्यूचुअल फंड में निवेश करने से आपका पैसा बढ़ता है. इसलिए टर्म इंश्योरेंस + म्यूचुअल फंड दोनों बेहतर परफॉर्म करते हैं.
किसी का लोन को-साइन करना
दोस्त या रिश्तेदार की मदद की इच्छा हर किसी के दिल में होती है. लेकिन यदि वे EMI मिस कर दें तो इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ेगा. पैसे की उदारता में कानूनी हस्ताक्षर कभी नहीं करें. कई बार इस तरह के साइन करने के बाद आप फंस जाते हैं.
क्रेडिट कार्ड का मिनिमम ड्यू चुकाना भी घातक
क्रेडिट कार्ड का मिनिमम पेमेंट चुकाकर आप भले ही खुश हो जाएं लेकिन यह धीरे-धीरे घुन की तरह आपके पैसे को नष्ट करता है. 50000 रुपये का बकाया 36% ब्याज पर दो साल में एक लाख रुपये से ऊपर हो जाता है. यह क्रेडिट कार्ड नहीं, टाइम बम है. एक्सपर्ट कहते हैं कि लोन-क्रेडिट कार्ड पर निर्भरता से ब्याज और पेनाल्टी बढ़ती है. एक EMI मिस होने से CIBIL गिरता है और भविष्य में आपको कर्ज महंगा पड़ता है.
समझे बिना निवेश करना
क्रिप्टो, NFT या दोस्त की ‘गारंटीड’ स्कीम अगर आपको एक लाइन में समझ नहीं आ रहा कि पैसा कैसे बनेगा तो निवेश नहीं, आप अंधा दांव लगा रहे हैं. इस तरह का निवेश आपको अभी भले ही सुनने और देखने में अच्छा लगे लेकिन आने वाले भविष्य में आपके लिये घातक हो सकता है.
कमाई बढ़ने पर बढ़ जाता है खर्च
अगर आपकी कमाई दो लाख रुपये है और खर्च भी दो लाख है तो आपकी सेविंग जीरो हुई. याद रखिए आप अमीर कमाई से नहीं बल्कि सेविंग से बनते हैं. नितिन कौशिक ने बताया कि आज काफी लोग दिखावे की जिंदगी जीना पसंद करते हैं. वे अपनी पूरी कमाई को खर्च कर देते हैं. एक लाख की लग्जरी घड़ी खरीदने की बजाय इनवेस्टमेंट करें. यह कुछ ही साल में एक लाख का 10 लाख बन सकता है.
लोन पर नई कार खरीदना
नई कार लेना हर किसी को अच्छा लगता है, शुरुआत के कुछ दिन यह अच्छी लगती है. लेकिन अगले 36, 60 या 84 ईएमआई देने का दर्द बहुत बुरा होता है. शोरूम से निकलने के बाद कार की कीमत कुछ ही समय में 20 प्रतिशत तक कम हो जाती है. कौशिक ने बताया जब तक आप बिना किसी टेंशन के कार नहीं खरीद पा रहे तो खरीदें ही नहीं.
एक ही चीज पर पूरी तरह दांव लगाना
आपको अपने फाइनेंस पोर्टफोलियो में डायवर्सीफिकेशन लेकर आएं. शेयर, लोन, अचल संपत्ति, गोल्ड को अलग-अलग टोकरियों बॉस्केट में रखें. कौशिक ने बताया कि अच्छा पोर्टफोलियो तब उस समय भी बढ़ता है जब उसका एक हिस्सा गिर जाता है. इसलिए जरूरी है कि आप अपना पोर्टफोलियो बैलेंस रखें.
आपके होम लोन की कितनी किश्त
हर किसी का सपना होता है अपना घर, इसे पूरा करने के लिए आदमी होम लोन का सहारा लेता है. अगर होम लोन की ईएमआई में आपकी कमाई का आधा हिस्सा चला जाता है तो यह सही नहीं है. कौशिक ने बताया कि आपको होम लोन की ईएमआई 25 फीसदी तक ही रखनी चाहिए.
तुरंत लोन लेने का फैसला
कौशिक ने बताया कि इंस्टेंट लोन जैसी सुविधा आपको फंसा सकती है. कई लोगों में आदत होती है कि छोटी सी जरूरत में तुरंत लोन के लिये अप्लाई कर देते हैं. आप इस पर जाने-अनजाने में 40 से 50 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहे होते हैं. उन्होंने कहा यदि आपको इसकी जरूरत है तो थोड़ा रुककर सोचे और अपने बजट को फिर से प्लान करें.