Who Is Aman Sanger : भारतीय मूल के युवा उद्यमी अमन सैंगर इन दिनों वैश्विक टेक जगत में चर्चा का विषय बने हुए हैं. इसकी वजह एलन मस्क की कंपनी SpaceX द्वारा एआई कोडिंग प्लेटफॉर्म Cursor की मूल कंपनी Anysphere के अधिग्रहण की घोषणा है. करीब 60 अरब डॉलर की इस डील के बाद अमन सैंगर की अनुमानित संपत्ति 5.5 अरब डॉलर (लगभग 50 हजार करोड़ रुपये) तक पहुंचने की बात कही जा रही है.
IIT बॉम्बे से जुड़ा है परिवार का नाता
अमन सैंगर का जन्म अमेरिका के न्यूयॉर्क में हुआ था. उनके पिता अरविंद सैंगर IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र हैं और अमेरिकी हेज फंड इंडस्ट्री में एक जाना-पहचाना नाम माने जाते हैं. वहीं, उनकी मां शिल्पा सैंगर एक सफल उद्यमी और ऑर्थोडॉन्टिस्ट हैं.
14 साल की उम्र में शुरू किया कोडिंग का सफर
तकनीक में अमन की रुचि बचपन से ही थी. उन्होंने महज 14 वर्ष की उम्र में प्रोग्रामिंग सीखना शुरू कर दिया था. आगे चलकर उन्होंने गूगल और ब्रिजवाटर एसोसिएट्स जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में इंटर्नशिप कर उद्योग का अनुभव हासिल किया.
MIT में पढ़ाई के दौरान मिला स्टार्टअप का आइडिया
अमन ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू की थी. यहीं उनकी मुलाकात माइकल ट्रुएल, सालेह आसिफ और आर्विड लुनेमार्क से हुई. चारों ने मिलकर 2022 में एक ऐसा एआई प्लेटफॉर्म बनाने का फैसला किया, जो प्रोग्रामिंग को आसान बना सके. अपने स्टार्टअप को पूरा समय देने के लिए इन सभी ने पढ़ाई बीच में ही छोड़ने का जोखिम उठाया और उद्यमिता की राह चुन ली.
कैसे बना Cursor?
शुरुआत में टीम मैकेनिकल इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए AI असिस्टेंट विकसित कर रही थी. लेकिन बाद में उन्हें महसूस हुआ कि सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में इसकी ज्यादा जरूरत है. इसके बाद उन्होंने दिशा बदली और ऐसा एआई टूल तैयार किया जो पूरे कोडबेस को समझकर डेवलपर्स को कोड लिखने, सुधारने और जटिल समस्याओं का समाधान खोजने में मदद कर सके. यही प्रोजेक्ट आगे चलकर Cursor के रूप में विकसित हुआ, जिसे आज दुनिया के सबसे लोकप्रिय एआई कोडिंग प्लेटफॉर्म्स में गिना जाता है.
क्यों खास है Cursor?
Cursor एक एआई-संचालित कोडिंग प्लेटफॉर्म है, जो डेवलपर्स के लिए वर्चुअल कोडिंग पार्टनर की तरह काम करता है. यह बड़े कोडबेस का विश्लेषण कर सुझाव देता है और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की प्रक्रिया को तेज बनाता है. कंपनी की ग्रोथ भी बेहद तेज रही है. नवंबर 2025 तक इसकी वार्षिक आय 1 अरब डॉलर के स्तर को पार कर गई थी. वहीं, कुछ ही महीनों में यह आंकड़ा बढ़कर जून 2026 तक लगभग 4 अरब डॉलर तक पहुंच गया.
दुनिया की बड़ी कंपनियां करती हैं इस्तेमाल
Cursor का उपयोग दुनिया भर की करीब 50,000 टेक कंपनियों के डेवलपर्स कर रहे हैं. इनमें Nvidia, Adobe, Uber, Shopify और PayPal जैसी दिग्गज कंपनियां भी शामिल हैं. लाखों सॉफ्टवेयर इंजीनियर इस प्लेटफॉर्म की मदद से कोडिंग और डेवलपमेंट का काम करते हैं. SpaceX के साथ हुई बहुचर्चित डील ने अमन सैंगर को दुनिया के सबसे चर्चित युवा टेक उद्यमियों की सूची में ला खड़ा किया है. 14 साल की उम्र में शुरू हुई कोडिंग की यह यात्रा अब अरबों डॉलर की सफलता की कहानी बन चुकी है.