खुद रोज़ 7600 करोड़ का सोना खरीद रहा चीन, फिर आम लोगों की गोल्ड शॉपिंग पर क्यों लगाया ‘ब्रेक’?

Chian Gold Import: चीन की सोने की भूख खत्म नहीं होती दिख रही है. ग्लोबल मार्केट में सोने के दाम दबाव में हैं, लेकिन चीन में सोने की मांग कम होने के बजाए बढ़ गई है. एक महीने में चीन ने 162 टन सोने की खरीद की है. साल 2026 में चीन की ओर से गोल्ड इंपोर्ट 692 टन पर पहुंच गया है.

बीजिंग के कुल सोने का रिजर्व 2231 टन के पार हो गया है. जहां एक तरफ चीन की ओर से सोने की बंपर खरीदारी हो रही है, तो दूसरी ओर चीन अपने ही लोगों को सोना खरीदने से रोक रहा है. चीन के दो बड़े बैंकों ने गोल्ड ट्रेडिंग रोकने का फैसला किया है.

चीन पर सोने का प्लान क्या है ?
चीन ने साल 2026 के पहले महीने में 692 टन सोने का आयात किया, जो पिछले साल के मुकाबले 76 फीसदी अधिक है. सिर्फ मई महीने में ही चीन ने 163 टन सोना आयात किया.वैल्युएशन के हिसाब से देखें तो हर दिन करीब 7,600 करोड़ रुपये से ज्यादा का सोना खरीद रहा है. एक तरफ खरीदारी हो रही है, तो दूसरी ओर लोगों को सोना खरीदने से रोका जा रहा है.

चीन के बैंक क्यों बंद कर रहे हैं सोने की बिक्री ?
चीन में आम निवेशक से लेकर केंद्रीय बैंक ताबड़तोड़ सोने की खरीदारी कर रहे हैं.वहीं चीन के सबसे बड़े बैंक इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (ICBC) ने सोने की ट्रेडिंग रोक दी है. ICBC के बाद चाइना गुआंगफा बैंक ने भी गोल्ड की ट्रेडिंग को रोकने का ऐलान किया. बैंकों के इस ऐलान के बाद आम निवेशकों के लिए शंघाई गोल्ड एक्सचेंज से जुड़े प्रीशियस मेटल्स ट्रेडिंग को रोकने का फैसला किया गया. यानी आम निवेशक इन बैंकों के लिए गोल्ड की ट्रेडिंग नहीं कर पाएंगे. 24 जुलाई से पहले निवेशकों को अपनी सभी खुली पोजीशन बेचने या बंद करने को कहा गया है. हालांकि निवेश को पूरी तरह रोका नहीं गया है. रिटेल निवेशक गोल्ड अक्यूम्युलेशन या गोल्ड ETF में निवेश कर सकते हैं.

सोने पर चीन की क्या मंशा है, क्या होगा इसका असर ?
एक तरफ लगातार जारी खरीदारी और दूसरी ओर ट्रेडिंग से रोक…आखिर चीन सोने पर चाहता क्या है? दरअसल सोने की कीमत में बढ़ती अस्थिरता, खाड़ी युद्ध की वजह से दाम को लेकर बनी अनिश्चितता की वजह से रिस्क मैनेजमेंट की वजह से बैंक ने ये फैसला लिया है. हालांकि ये पहली बार नहीं है, जब चीन के बैंकों ने गोल्ड की ट्रेडिंग रोकी हो. पोस्टल सेविंग्स बैंक ऑफ चाइना और पिंग एन बैंक ने इसी साल के शुरुआत में गोल्ड की ट्रेडिंग रोकने का फैसला किया था. इससे पहले साल 2020 में चीनी बैंकों ने रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए नए प्रीशियस मेटल्स ट्रेडिंग अकाउंट खोलना बंद कर दिया था.

चीन के इस फैसले का क्या है मतलब ?
चीन के बैंकों के इस फैसले का असर सिर्फ उसपर नहीं टिका, बल्कि इसके ग्लोबल मायने है. चीनी बैंकों का ये फैसला दिखाता है कि अभी सोने में काफी उठा-पटक रहने वाली है.सोने की इस संवेदनशीलता से चीन अपने निवेशकों को बचाने के लिए ये फैसला ले रहा है.

भारत के लिए चीन का ये फैसला क्या मायने रखता है?
चीन दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड इंपोर्टर देश है. ऐसे में चीन की ओर से बड़ी खरीदारी कीमतों को प्रभावित करती है. जिस बेतहाशा रफ्तार से चीन सोना खरीद रहा है आने वाले दिनों में वो सोने की कीमतों को नियंत्रित करने की तैयारी कर रहा है. चीन की ओर से सोने की मजबूत मांग कीमतों को समर्थन देगी.चूंकि भारत भी सोने का बड़ा आयातक देश है, ऐसे में सोने की कीमत उसपर भी असर डालेगी.