Diesel Windfall Tax: ग्लोबल लेवल पर क्रूड ऑयल के दाम में आई तेजी के बीच केंद्र सरकार ने तेल के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बड़ा बदलाव किया है. सरकार की तरफ से डीजल और जेट फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाले टैक्स को दोगुने के करीब बढ़ाया गया है. दूसरी तरफ पेट्रोल एक्सपोर्टर को राहत देते हुए इस पर लगने वाले टैक्स में कटौती की गई है. फाइनेंस मिनिस्ट्री के नोटिफिकेशन के अनुसार संशोधित दर को आज से लागू कर दिया गया है. सरकार हर 15 दिन पर ग्लोबल मार्केट के हालात को देखते हुए टैक्स दरों की समीक्षा करती है. घरेलू बाजार में तेल की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और तेल कंपनियों के अप्रत्याशित मुनाफे पर लगाम लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है.
पेट्रोल पर घटा, डीजल और जेट फ्यूल में इजाफा
फाइनेंस मिनिस्ट्री के ऑफिशियल नोटिफिकेशन के अनुसार पेट्रोल एक्सपोर्ट पर लगने वाले टैक्स को 4 रुपये लीटर से घटाकर ढाई रुपये लीटर कर दिया गया है. दूारी तरफ डीजल के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स 8.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर सीधे 15.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. वहीं, हवाई ईंधन (ATF) पर भी टैक्स को 7.5 रुपये लीटर से बढ़ाकर 14.5 रुपये लीटर कर दिया गया है. सरकार के कदम से उन तेल रिफाइनिंग कंपनियों के प्रॉफिट पर असर पड़ेगा, जो घरेलू बाजार के बजाय विदेशों में तेल बेचकर ज्यादा कमाई कर रही थीं.
इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमत में उछाल
सरकार की तरफ से टैक्स दर में बदलाव ऐसे समय पर किया गया है, जब ग्लोबल लेवल पर क्रूड ऑयल की कीमत में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. अमेरिका द्वारा ईरान पर फिर से सैन्य नाकेबंदी लगाने के बाद इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड 3 प्रतिशत की तेजी के साथ 86 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया. इस नाकेबंदी से दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से होने वाली तेल सप्लाई ठप होने की आशंका बढ़ गई है, यहां से दुनियाभर की जरूरत के तेल का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है. ग्लोबल लेवल पर डीजल की किल्लत और रूस से होने वाले निर्यात में कमी ने भी रिफाइनिंग मार्जिन को बढ़ा दिया है.
पुराने प्रतिबंधों की वापसी की आशंका हुई खत्म
टैक्स समीक्षा के बीच राहत वाली बात यह है कि बाजार में पहले जैसी पाबंदियों का दौर खत्म हो गया है. इससे पहले, जून में सरकार ने इंडस्ट्रियल और कमर्शियल कंज्यूमर को रिटेल पेट्रोल पंप से ईंधन खरीदने पर अस्थायी रोक लगा दी थी. दरअसल, रिटेल और बल्क के दाम में प्रति लीटर करीब 39 रुपये का अंतर आ गया था. उस समय दिल्ली में रिटेल डीजल 95.20 रुपये था, जबकि थोक खरीदारों के लिए यह 134.50 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था. सप्लाई चेन में सुधार के बाद सरकार ने 29 जून को ही इन सभी पाबंदियों को वापस ले लिया था.
ज़ी हिंदी डिजिटल में बिजनेस एडिटर के रूप में कार्यरत. बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस और टैक्सेशन से जुड़े टॉपिक पर खास पकड़. पाठकों की रुचि को ध्यान में रखकर लिखने में महारथ हासिल. 2009 में अमर उजाला के साथ करियर की शुरुआत. पिछले 16 साल में अमर उजाला, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान और टाइम्स इंटरनेट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम का लंबा अनुभव. इस दौरान ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफ स्टाइल लीड के तौर पर भी काम किया. यूपी से ताल्लुक रखने वाले क्रियांशु ने पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.