मार्केट में यह तेजी कितनी सच्ची, दिसंबर तक कहां होगा सेंसेक्स, बता रहे सुमित बगड़िया

भारतीय शेयर मार्केट के प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50, सेंसेक्स और बैंक निफ्टी ने अपने नए रिकॉर्ड स्तर बनाए हैं। अब मार्केट एक महत्वपूर्ण सवाल पर केंद्रित है। क्या यह मोमेंटम बना रह सकता है और निवेशकों को आगे किन स्तरों पर नजर रखनी चाहिए? लाइवमिंट की प्रणति देवा को दिए एक इंटरव्यू में चॉइस ब्रोकिंग के कार्यकारी निदेशक सुमित बगड़िया ने कहा कि निफ्टी का 26,277 और सेंसेक्स का 86,050 से ऊपर टूटना मजबूत खरीदारी की ताकत दिखाता है, लेकिन मुनाफा मुख्य रूप से बड़ी कंपनियों (लार्ज कैप) तक सीमित है, जबकि मिड और स्मॉल कैप शेयरों का प्रदर्शन पीछे है। उन्होंने उन महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन के बारे में बताया, जो तय करेंगे कि यह तेजी बनी रहती है या नहीं, और दिसंबर 2025 व मार्च 2026 के लिए निफ्टी और सेंसेक्स के सटीक लक्ष्य तय किए।

सवाल: भारतीय शेयर मार्केट ने नया रिकॉर्ड बनाया है। नजर रखने के लिए मुख्य सपोर्ट लेवल क्या हैं?

जवाब: भारतीय शेयर मार्केट ने पहले ही नए रिकॉर्ड बना लिए हैं। निफ्टी 26,277 और सेंसेक्स 86,050 से ऊपर मजबूत खरीदारी के साथ टूट गया है, और सपोर्ट लेवल अच्छी तरह से बने हुए हैं। हालांकि, यह तेजी ज्यादातर बड़ी कंपनियों (लार्ज कैप) में है, जबकि मध्यम और छोटी कंपनियां (मिड और स्मॉल कैप) पीछे हैं।

वैश्विक मार्केट में उतार-चढ़ाव और करेंसी में बदलाव से थोड़े समय के लिए गिरावट आ सकती है। निफ्टी के लिए 26,000–25,800 और सेंसेक्स के लिए 85,000–84,500 के आसपास के महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवलों पर नजर रखें। निफ्टी में 26,300–26,400 और सेंसेक्स में 86,500–86,700 से ऊपर की गति पर ध्यान दें, और मजबूत, अच्छा प्रदर्शन करने वाले शेयरों पर एक्यूमुलेशन पर ध्यान केंद्रित करें। कुल मिलाकर, यदि मौजूदा रुझान जारी रहे तो धीरे-धीरे मुनाफा होने की संभावना है।

सवाल: दिसंबर 2025 और मार्च 2026 के लिए आपके निफ्टी और सेंसेक्स के लक्ष्य क्या हैं?

जवाब: निफ्टी दिसंबर 2025 तक लगभग 26,500–27,000 के आसपास कारोबार कर सकता है और मार्च 2026 तक 27,000–28,000 तक बढ़ सकता है। सेंसेक्स दिसंबर में लगभग 88,000–90,000 और मार्च तक 90,000–92,000 तक रहने की संभावना है। चार्ट पॉजिटिव मोमेंटम दिखाते हैं और महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल बने हुए हैं – निफ्टी के लिए 25,800–25,500 और सेंसेक्स के लिए 85,000–84,500 के आसपास का सपेार्ट, जो आगे के मुनाफे के लिए आधार का काम कर सकते हैं। यदि अर्थव्यवस्था स्थिर रहती है, ब्याज दरें स्थिर रहती हैं और कॉर्पोरेट आय अच्छी रहती है, तो सूचकांक और ऊपर जा सकते हैं। लेकिन अगर सपोर्ट लेवल टूटते हैं, तो नुकसान का जोखिम हो सकता है, इसलिए मार्केटों पर बारीकी से नजर रखना जरूरी है।

सवाल: किन कारकों या ट्रिगर्स से निफ्टी इस साल नए रिकॉर्ड पर पहुंच सकता है?

जवाब: कई कारक निफ्टी को इस साल नए रिकॉर्ड बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। मजबूत सपोर्ट लेवल और लगातार खरीदारी आगे के मुनाफे के लिए एक ठोस आधार का संकेत देती है। अगर निफ्टी अधिक ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस लेवल को तोड़ता है, तो यह बुलिश ट्रेंड की पुष्टि करेगा।

आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक हलचल, साथ ही बेहतर हो रही कमाई, स्थिर ब्याज दरें और विदेशी फंड का आना मोमेंटम बढ़ा सकते हैं। सपोर्ट लेवलों के पास छोटी गिरावट खरीदारी के अच्छे अवसर प्रदान कर सकती है। मूविंग एवरेज, आरएसआई और ट्रेंड लाइन जैसे इंडिकेटर्स पर नजर रखने से ट्रेंड की ताकत को ट्रैक करने में मदद मिलेगी।

सवाल: बड़ी कंपनियां बनाम मझोली कंपनियां: अगले 12-18 महीनों में आपको कहां जोखिम के मुकाबले मजबूत रिटर्न दिखाई देते हैं?

जवाब: बड़ी कंपनियां (लार्ज कैप) मजबूत नजर आती हैं जिनमें स्पष्ट तेजी का रुझान है, जो अगले 12-18 महीनों में कम जोखिम और स्थिर रिटर्न का संकेत देता है। मझोली कंपनियां (मिड कैप) बड़ा मुनाफा दे सकती हैं, लेकिन उनमें उतार-चढ़ाव ज्यादा होता है। एक समझदार तरीका यह होगा कि सुरक्षा के लिए ज्यादातर कैपिटल बड़ी कंपनियों में रखें, और अतिरिक्त वृद्धि (ग्रोथ) पाने के लिए मजबूत मझोली कंपनियों में थोड़ी रकम निवेश करें, साथ ही जोखिम को सीमित रखें।

सवाल: क्या पीएसयू शेयरों में बेहतरी अब खत्म हो रही है, या और आगे बढ़ने की गुंजाइश है?

जवाब: पीएसयू शेयरों में पिछले एक साल में मजबूत तेजी देखी गई है, जिसमें कई शेयरों में खरीदारी अपने चरम पर पहुंच गई है और उनके मूविंग एवरेज बढ़े हुए हैं। वॉल्यूम के रुझान दिखाते हैं कि गति कुछ चुनिंदा पीएसयू शेयरों में केंद्रित है, जबकि व्यापक सूचकांकों में कंसोलिडेशन के संकेत हैं।

चार्ट पैटर्न बताते हैं कि हालांकि कुछ व्यक्तिगत पीएसयू शेयरों में तेजी जारी रह सकती है, लेकिन उनमें गिरावट का जोखिम हो सकता है। आगे का रास्ता यह है कि चुनिंदा दृष्टिकोण अपनाया जाए, गिरावट पर खरीदारी पर ध्यान केंद्रित किया जाए और जिन पीएसयू शेयरों में बहुत ज्यादा खरीदारी हुई है उनसे बचा जाए।

सवाल: आईटी शेयरों के वैल्यूएशन कोविड-पूर्व स्तर पर लौट आए हैं, क्या यहां से लॉन्ग टर्म निवेश का मामला मजबूत होता है?

जवाब: एक तकनीकी विश्लेषक के नजरिए से, आईटी शेयरों का कोविड-पूर्व स्तर पर वापस लौटना एक स्थिर चरण में प्रवेश का संकेत हो सकता है, जो लंबे समय के लिए निवेश को कम जोखिम भरा बना सकता है। महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवलों पर नजर रखनी चाहिए। अगर कीमतें इन स्तरों से ऊपर बनी रहती हैं, तो यह खरीदारी में दिलचस्पी और संभावित लॉन्ग टर्म तेजी के लिए आधार बनने का संकेत दे सकता है।

मूविंग एवरेज जैसे संकेतक बताते हैं कि बिकवाली का दबाव कम हो रहा हो सकता है, लेकिन किसी भी रुझान परिवर्तन की पुष्टि के लिए ट्रेडिंग वॉल्यूम महत्वपूर्ण होगा। अगर सपोर्ट लेवल कायम रहते हैं और मार्केट स्थिर रहता है, तो अब मजबूत आईटी कंपनियों में सावधानीपूर्वक खरीदारी करने से प्रबंधनीय जोखिम के साथ अच्छा लॉन्ग टर्म रिटर्न मिल सकता है।

सवाल: क्या हम दिसंबर में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के सार्थक रूप से वापस लौटने की उम्मीद कर सकते हैं? निवेश प्रवाह में बदलाव किस बात से आएगा?

जवाब:विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) दिसंबर में वापस आना शुरू कर सकते हैं यदि मार्केट की स्थितियां अनुकूल हों। अगर निफ्टी और सेंसेक्स अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवलों पर टिके रहते हैं, तो यह निवेशकों का विश्वास बढ़ा सकता है और एफपीआई निवेश को आकर्षित कर सकता है। वापसी के कारणों में स्थिर या बेहतर होती वैश्विक तरलता (लिक्विडिटी), ब्याज दरों की चिंताओं में कमी और भारत में कंपनियों के मजबूत मुनाफे (अर्निंग) शामिल हो सकते हैं।

स्थिर या मजबूत होता रुपया भी विदेशी निवेशकों के लिए निवेश को कम जोखिम भरा बनाएगा। इसके अलावा, हालिया गिरावट के बाद आकर्षक शेयर मूल्यांकन और आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक हलचल खरीदारी को प्रोत्साहित कर सकती है। ट्रेडिंग वॉल्यूम और ट्रेंड लाइन पर नजर रखने से यह पुष्टि करने में मदद मिलेगी कि क्या एफपीआई वास्तव में वापस लौट रहे हैं।

सवाल: आगामी बजट से आपकी क्या मुख्य उम्मीदें हैं,और इसका मार्केट पर क्या असर हो सकता है?

जवाब: बजट से उम्मीदें ऐसे उपायों की हैं जो अर्थव्यवस्था को विकास में मदद करें, जैसे सरकारी खर्च में और वृद्धि, उद्योगों के लिए प्रोत्साहन और उपभोक्ता मांग के लिए समर्थन। मध्यम आय वर्ग के लिए कर राहत, विशेष रूप से, कॉर्पोरेट आय को बढ़ावा दे सकती है और उपभोक्ता विश्वास बढ़ा सकती है, जो शेयर मार्केट के लिए फायदेमंद होगा। विकास में निवेश करते हुए राजकोषीय घाटे (फिस्कल डेफिसिट) को नियंत्रित रखना बॉन्ड और शेयर दोनों को समर्थन दे सकता है। स्पष्ट सुधार या नीति घोषणाएं मार्केट के मूड को और बेहतर कर सकती हैं। अगर बजट इन उम्मीदों पर खरा उतरता है, तो इससे मार्केट में खरीदारी बढ़ सकती है, सूचकांक ऊपर जा सकते हैं और समग्र निवेशक विश्वास बढ़ सकता है।

सवाल: आप 2026 में इक्विटी मार्केटों के लिए कौन सी बड़ी चुनौतियां देखते हैं?

जवाब: 2026 में इक्विटी मार्केटों के लिए मुख्य चुनौतियां जारी मुद्रास्फीति और केंद्रीय बैंकों द्वारा संभावित ब्याज दर वृद्धि के कारण अधिक उतार-चढ़ाव हो सकता है। भू-राजनीतिक मुद्दे और सप्लाई चेन में रुकावटें अनिश्चितता बढ़ा सकती हैं, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों के बीच तेज बदलाव हो सकते हैं। टेक्निकल सिग्नल फॉस्ट ब्रेकआउट पैदा कर सकते हैं, जिससे असली रुझानों की पहचान करना और मुश्किल हो जाएगा। मार्केट में मुनाफा कम क्षेत्रों द्वारा संचालित हो सकता है, जिससे समग्र जोखिम बढ़ जाता है।

हाई-स्पीड ट्रेडिंग थोड़ समय के लिए उतार-चढ़ाव को तेज कर सकती है। निवेशकों को अनुशासित रहना चाहिए, जोखिम का सावधानीपूर्वक प्रबंधन करना चाहिए, कार्रवाई से पहले रुझानों की पुष्टि करनी चाहिए और मार्केट के उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए अपनी स्थिति (पोजीशन) को लचीले ढंग से समायोजित (एडजस्ट) करना चाहिए।

सवाल: आप अब मार्केट में एंट्री करने वाले नए या पहली बार निवेश कर रहे लोगों को क्या सलाह देंगे?

जवाब: नए निवेशकों को मेरी सलाह है कि त्वरित मुनाफा कमाने की कोशिश करने के बजाय अनुशासन और जोखिम प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करें। मार्केट के रुझानों को सिर्फ खबरों या टिप्स से नहीं, बल्कि चार्ट और तकनीकी संकेतकों का उपयोग करके पढ़ना सीखें। खरीदने और बेचने के लिए स्पष्ट बिंदु (लेवल) पहचानें, और अल्पकालिक मार्केटी हलचलों पर भावनात्मक प्रतिक्रिया देने से बचें। अपने निवेश को विभिन्न क्षेत्रों में फैलाएं (डायवर्सिफाई) ताकि जोखिम कम हो, और अपने पैसे की सुरक्षा के लिए हर पोजीशन के साइज का प्रबंधन करें। धैर्य रखें, रुझानों को विकसित होने दें, और हमेशा स्टॉप-लॉस का उपयोग करें। दीर्घकालिक सफलता की कुंजी एक स्पष्ट योजना से लगातार चिपके रहना है।