शेयर बाजार में भारी ग‍िरावट, फ‍िर भी हो रहा धड़ाधड़ इनवेस्‍टमेंट; क‍िसने लगाया हजारों करोड़?

Mutual Fund Investment: इजरायल और ईरान के बीच चल रही तनातनी में शेयर बाजार भारी उठा-पटक से गुजरा है. सेंसेक्‍स में ग‍िरावट का आलम यह रहा क‍ि सेंसेक्‍स ग‍िरकर 72000 अंक तक आ गया. 15 द‍िन के सीजफायर का ऐलान होने के बाद अब बाजार में तेजी देखी जा रही है. साल 2026 की शुरुआत से ही भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर बना रहा. बाजार की लगातार ग‍िरावट के बीच भी न‍िवेशकों ने जमकर इनवेस्‍ट क‍िया है. जी हां, न‍िवेशकों की तरफ से यह पैसा म्यूचुअल फंड में लगाया गया है.

इक्‍व‍िटी म्यूचुअल फंड में नेट इनवेस्‍टमेंट 56 प्रतिशत बढ़कर 40,450 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. यह जुलाई 2025 के बाद न‍िवेश क‍िये जाने का सबसे ऊंचा लेवल है. न‍िवेशकों ने जुलाई, 2025 में 42,702 करोड़ रुपये का इनवेस्‍टमेंट क‍िया था. एम्‍फी (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार यह लगातार 61वां महीना है, जब इक्‍व‍िटी में पॉज‍िट‍िव इनफ्लो देखने को मिला है. इससे यह साफ है क‍ि न‍िवेशकों में भारतीय शेयर बाजार को लेकर पॉज‍िट‍िव रुझान बना हुआ है.

छोटे-छोटे निवेशकों ने मारी बाजी
इस भारी-भरकम न‍िवेश के पीछे छोटे-छोटे निवेशकों का हाथ है. इन्‍हें न‍िवेशकों के दम पर एसआईपी (SIP) से मंथली इनवेस्‍टमेंट रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया. यह बढ़कर 32,087 करोड़ रुपये हो गया. फरवरी के यह 29,845 करोड़ रुपये था. जानकारों का कहना है क‍ि इनफ्लो में उछाल रिटेल निवेशकों की मजबूत ह‍िस्‍सेदारी को दर्शाता है. शेयर बाजार में आई ग‍िरावट ने न‍िवेशकों को आकर्षक कीमत पर पैसा लगाने का मौका द‍िया है. निवेशको यह आइड‍िया है क‍ि बाजार की अस्थिरता लंबे समय के लि‍ए फायदेमंद हो सकती है.

फ्लेक्सी कैप फंड में 10,000 करोड़ से ज्यादा का इनफ्लो
इक्‍व‍िटी कैटेगरी में फ्लेक्सी कैप फंड्स सबसे आगे रहे. इनमें 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का इनफ्लो हुआ. इसके बाद स्मॉल कैप फंड्स में 6,263 करोड़ रुपये और मिड कैप फंड्स में 6,063 करोड़ रुपये का निवेश देखा गया. डिविडेंड यील्ड और इक्‍व‍िटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) फंड में हल्का आउटफ्लो देखा गया. जानकारों का मानना है कि यह प्रॉफिट बुक‍िंग और पोर्टफोलियो को बैलेंस करने के कारण हुआ.

2.4 लाख करोड़ का नेट आउटफ्लो दर्ज हुआ
एएमएफआई (AMFI) के सीईओ वेंकट चालासानी ने कहा, यह ट्रेंड इनवेस्‍ट के लॉन्‍ग टर्म वेल्थ क्रिएशन में भरोसा द‍िखाता है. भारत की स्ट्रक्चरल ग्रोथ स्टोरी अभी भी मजबूत है और लोग अपने फाइनेंश‍ियल टारगेट को इनवेस्‍टमेंट से जोड़ रहे हैं. इक्‍व‍िटी में मजबूत इनफ्लो के बावजूद पूरी म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में मार्च के महीने में 2.4 लाख करोड़ का नेट आउटफ्लो दर्ज किया गया. फरवरी में यह 94,530 करोड़ का इनफ्लो था. इसका मुख्‍य कारण डेब्ट फंड्स से भारी निकासी रही, जो 2.95 लाख करोड़ रुपये की थी.

दूसरी तरफ गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) में मार्च के महीने में 2,266 करोड़ रुपये का इनफ्लो हुआ. यह फरवरी के 5,255 करोड़ रुपये और जनवरी के 24,040 करोड़ रुपये से कम है. फिर भी निवेशकों का रुझान पॉज‍िट‍िव बना रहा.