अक्सर लोग रिटायरमेंट प्लान में करते हैं ये 3 गलती, बुढ़ापे में दर-दर की ठोकर खाने पर हो जाते हैं मजबूर

Retirement Planning Mistakes: हर व्यक्ति के जीवन का एक अहम हिस्सा उसके रिटायरमेंट के बाद का समय होता है. ऐसे में रिटायरमेंट प्लानिंग करना हर किसी के लिए बेहद जरूरी हो जाता है. अगर आप चाहते हैं कि बुढ़ापे में बिना पैसों की चिंता के जीवन को आराम से गुजारे, तो सही समय पर इंवेस्ट करना शुरू कर देना चाहिए. लेकिन कई बार इसे लेकर हम आम गलतियां कर देते हैं, जो रिटायरमेंट के बाद हमें फाइनेंशियली परेशान कर सकता है. ऐसे में इस खबर में हम आपको रियारमेंट प्लानिंग से जुड़ी कई बड़ी गलतियों के बारे में बताएंगे, जिससे आपको बचना चाहिए…

केवल EPE पर डिपेंड न रहें
रिटायरमेंट प्लानिंग को लेकर नौकरीपेशा लोग कई बार केवल EPF (Employees Provident Fund) पर डिपेंड हो जाते हैं, उन्हें लगता है कि यहीं उनके लिए काफी है. लेकिन ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है. आपको बता दें, EPE में इंटरेस्ट रेट सरकार तय करती है, जो कि समय के साथ बदल भी सकती है. इसके अलावा महंगाई को देखते हुए केवल EPE का पैसा काफी नहीं होता. इसलिए NPS (National Pension System), म्यूचुअल फंड्स या पेंशन योजनाओं, जैसे दूसरे इन्वेस्टमेंट प्लान पर भी ध्यान देना चाहिए. ऐसा करने से आपका रिटायरमेंट फंड मजबूत बना रहता है और फ्यूचर में पैसों को लेकर कोई दिक्कत नहीं होती.

सेविंग और इंवेस्टमेंट की शुरुआत देर से न करें
पता है, रिटायरमेंट प्लानिंग की सबसे बड़ी गलती क्या है? सेविंग और इंवेस्टमेंट की शुरुआत देर से करना. नौकरी लगने के बाद सालों-सालों तक लोग यही सोचते रह जाते हैं, कि “अभी तो समय है”. लेकिन यहीं उनकी सबसे बड़ी गलती बन जाती है. ऐसे में जल्दी से जल्दी सेविंग शुरू कर दें, आप जितना जल्दी सेविंग शुरू करेंगे, आपको उतना जल्दी रिटर्न मिलेगा. मतलब, अगर आप 25 साल की उम्र में हर महीने 5000 सवे कर रहे हैं और 10% सालाना रिटर्न मिलता है, तो 60 साल की उम्र तक आपको करीब ₹1.9 करोड़ मिलेंगे.

महंगाई को इग्नोर न करें
अक्सर लोग रिटायरमेंट फंड प्लान करते वक्त महंगाई को इग्नोर कर देते हैं. लेकिन ये भी बेहद जरूरी है. आपको बता दें, आज के 1 लाख रुपये की कीमत फ्यूचर उतनी नहीं रहेगी. हर 20 से 25 साल बाद यहीं कीमत लगभग एक चौथाई रह जाती है. ऐसे में अगर आज आपका खर्च 50,000 रुपये महीने है, तो 25 साल बाद यह 2 लाख रुपये महीने हो सकता है. ऐसे में रिटायरमेंट प्लानिंग करते वक्त खर्च का खास ध्यान रखना चाहिए.