नई दिल्ली: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय रुपये की लगातार रिकॉर्ड गिरावट पर बहुत बड़ी बात कही है. निर्मला सीतारमण ने शनिवार को हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में रुपये की वैल्यू को लेकर चिंताओं पर बात की है. उनसे पूछा गया कि क्या भारतीय करेंसी फिलहाल डॉलर के मुकाबले बहुत ज्यादा हाई लेवल पर है तो उन्होंने कहा कि रुपया अपना लेवल खुद तय करेगा. सीतारमण ने कहा कि करेंसी एक्सचेंज रेट, महंगाई और वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव जैसे मुद्दे बहुत ही संवेदनशील होते हैं और इन्हें राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए.
मैक्रोइकोनॉमिक स्थिति बदल गई है : सीतारमण
इस कार्यक्रम के दौरान सीतारमण से करेंसी के प्रभावों के बारे में सवाल पूछे गए. उन्होंने विपक्ष में रहते हुए रुपये की गिरावट के बारे में अपनी पार्टी की पिछली आलोचनाओं को स्वीकार किया लेकिन ये साफ किया कि जब UPA सत्ता में थी और उन्होंने रुपये का मुद्दा उठाया था तब हालात अलग थे. उस दौरान महंगाई दर बहुत ऊंची थी. अर्थव्यवस्था कमजोर थी और जब करेंसी पर भी दबाव पड़े. आज के समय में भारत की इकोनॉमी की बुनियाद मजबूत है. उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति, वैश्विक आर्थिक हालात और मजबूत मैक्रोइकनॉमिक इंडिकेटर रुपये को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने बताया कि मैक्रोइकोनॉमिक स्थिति बदल गई है.
सबसे निचले स्तर पर रुपया
बुधवार, 3 दिसंबर को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.43 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था. यह गिरावट विदेशी निवेशकों के सेलिंग प्रेशर और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच हुई हैं. इस गिरावट के बाद गुरुवार को रुपया 26 पैसे बढ़कर 89.89 पर बंद हुआ था.