क्या करके मानेंगे ट्रंप, तेल के बाद अब ट्रेड वॉर की तैयारी, फोड़ेंगे टैरिफ का बम!

US Tariff Alert: अमेरिकी राष्ट्रपति की कुर्सी हासिल करने के बाद से ही डोनाल्ड ट्रंप पूरी दुनिया को अपने इर्द गिर्द घुमा रहे हैं. कभी टैरिफ का बम फोड़ते हैं तो कभी असली मिसाइलें दागकर ग्लोबल इकोनॉमी को घायल करते हैं. ईरान युद्ध का असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं है. तेल की कीमतों ने आज हर देश परेशान है. जो उत्पादक है वो भी और जो उपभोक्ता है वो भी. इन सब तबाही के बीच अब ट्रंप फिर से टैरिफ का नया धमाका करने वाले हैं.

फिर से टैरिफ का बम फोड़ेंगे ट्रंप
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के चलते वैश्विक तेल व्यापार को बड़ा झटका लगा है.स्ट्रेड ऑफ होर्मुज बंद दोनों से अधिकांश देश ऊर्जा संकट का सामना कर रहे हैं. अब इस बीच अमेरिका ने फिर से टैरिफ का शगूफा छोड़ दिया है. ट्रंप दोबारा टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहे हैं. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्‍कॉट बेसेंट ने खुद इस बात के संकेत दिए हैं. उन्होंने इस बात की ओर इशारा किया है कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप जुलाई 2026 से फिर से ग्लोबल टैरिफ को लागू कर सकते हैं.

तेल के बाद अब ट्रेड पर ट्रंप लगाएंगे ब्रेक
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्‍कॉट बेसेंट के मुताबिक जुलाई 2026 तक एक बार फिर से ट्रंप पुराने टैरिफ दरों को लागू कर सकते हैं. बता दें कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के टैरिफ को गैरकानूनी बताते हुए उसे रद्द कर दिया था. ट्रंप अब फिर से टैरिफ को लागू करने की कोशिश कर रहे हैं. इस बार इसे सेक्शन 301 के तहत लागू किया जाएगा.

टैरिफ लागू हुआ तो क्या होगा ?
युद्ध की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले से मंदी के कगार पर पहुंच गई है. अगर अमेरिका से फिर से टैरिफ लागू कर दिया तो मुश्किल और बढ़ेगी. टैरिफ लगने से आयात-निर्यात पर फर्क करेगा. नियार्तकों के लिए शिपिंग कॉस्ट और बीमा के खर्च पहले से बढ़े हुए हैं. अगर टैरिफ लागू हुआ तो ट्रेड करना और मुश्किल हो जाएगा. एक्सपोर्ट महंगा होगा. चीजें महंगी होने लगेगी. खासकर उन देशों की परेशानी और बढ़ेगी, जो अमेरिका को निर्यात करते हैं. इससे ट्रेड वॉर की स्थिति गंभीर हो जाएगी. सप्लाई चेन, कीमतों और निवेश दोनों संकट में पड़ जाएगा. शेयर बाजार में बिकवाली हावी हो सकती है. कुल मिलाकर अगर ट्रंप ने टैरिफ को फिर से लागू किया तो वैश्विक अर्थव्यवस्था संकट में पड़ जाएगी.