बिलासपुर रेल हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत, घायलों की संख्या भी बढ़ी; जानें अपडेट

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मंगलवार दोपहर करीब 4 बजे भयानक रेल हादसा हुआ, जहां एक लोकल MEMU ट्रेन ने स्टेशन के पास खड़ी मालगाड़ी से जोरदार टक्कर मार दी। इस दिल दहला देने वाली घटना में अब तक 11 लोगों की जान चली गई, जबकि 20 से ज्यादा यात्री घायल हो गए। बचाव कार्य जोरों पर चल रहा है और रेलवे के बड़े अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं।

बिलासपुर स्टेशन के ठीक पास एक MEMU लोकल ट्रेन अपनी रफ्तार से दौड़ रही थी। अचानक, उसकी आखिरी बोगी और पहली बोगी ने खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई। धड़ाम की आवाज के साथ सब कुछ बिखर गया। जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि ये टक्कर इतनी जोरदार थी कि कोच के परखच्चे उड़ गए। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, ये हादसा दोपहर के व्यस्त समय में हुआ, जब ट्रेनें अपनी मंजिल की ओर बढ़ रही थीं।

मरने वालों की संख्या बढ़ी, घायलों की लिस्ट लंबी
शुरू में 5 मौतों की खबर आई थी, लेकिन अब आंकड़ा 11 तक पहुंच गया है। घायलों में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं।

नाम लिंग उम्र
मथुरा भास्कर स्त्री 55
चौड़ा भास्कर पुरुष 50
शत्रुघ्न पुरुष 50
गीता देबनाथ स्त्री 30
मेहनिश खान स्त्री 19
संजू विश्वकर्मा पुरुष 35
सोनी यादव स्त्री 25
संतोष हंसराज पुरुष 60
रश्मि राज स्त्री 34
रिषि यादव पुरुष 2
तुलाराम अग्रवाल पुरुष 60
आराधना निषाद स्त्री 16
मोहन शर्मा पुरुष 29
अंजुला सिंह स्त्री 49
शांता देवी गौतम स्त्री 64
प्रीतम कुमार पुरुष 18
शैलेश चंद्रा पुरुष 49
अशोक कुमार दीक्षित पुरुष 54
नीरज देवांगन पुरुष 53
राजेंद्र मारुति बिसारे पुरुष 60
सीएम के किया मुआवजे का ऐलान
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस दुखद हादसे पर गहरा शोक जताया। उन्होंने कहा, “ये बहुत दर्दनाक खबर है। मरने वालों के परिजनों को 5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी, घायलों का मुफ्त इलाज होगा और उन्हें 50 हजार रुपये मिलेंगे।” रेलवे ने भी 10 लाख तक की मदद का वादा किया है। सीएम ने बचाव कार्य की तारीफ की और कहा कि हर संभव मदद की जा रही है।

रेलवे के सीनियर अधिकारी मौके पर तुरंत पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन को रफ्तार दी। अस्पतालों से लगातार अपडेट लिए जा रहे हैं, ताकि कोई कमी न रहे। फिलहाल, हादसे की वजह जानने के लिए जांच शुरू हो गई है। क्या ये सिग्नल फेलियर था या कुछ और? आने वाले दिन बताएंगे, लेकिन ये हादसा रेल सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े कर रहा है।