Raipur News: मध्य प्रदेश और राजस्थान में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौतों के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने सतर्कता बरती है. भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की एडवाइजरी के अनुपालन में राज्य स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को निर्देश जारी किए हैं कि 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी या सर्दी-जुकाम की सिरप न दी जाए. यह दवाएं सामान्यतः 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए भी अनुशंसित नहीं हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश मामलों में बच्चों की खांसी-जुकाम स्वयं ठीक हो जाती है, इसलिए डॉक्टर की सलाह बिना दवा न दें. स्वास्थ्य विभाग ने शासकीय और निजी अस्पतालों, क्लीनिकों को सख्ती से गाइडलाइन पालन करने का आदेश दिया है. साथ ही, औषधि निर्माण इकाइयों, मेडिकल स्टोर्स और फार्मेसियों पर निगरानी तेज कर दी गई है. सहायक औषधि नियंत्रकों और निरीक्षकों को सभी दवा विक्रय केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश हैं, ताकि बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री न हो.
छत्तीसगढ़ में नहीं बिकती ये सिरप!
बता दें कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप से 14 बच्चों की मौत के बाद छत्तीसगढ़ में इसकी बिक्री पर रोक लगाई गई है. राज्य में इस सिरप का सरकारी आपूर्ति में उपयोग न होने की पुष्टि हुई, लेकिन स्टॉक की जांच तेज है.
लोगों को किया जाएगा जागरूक
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर चेतावनी दी कि कफ सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल जैसे जहरीले पदार्थों से किडनी फेलियर हो सकता है. छत्तीसगढ़ में जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पोस्टर लगाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा. माता-पिता को सलाह दी गई है कि बच्चों को पर्याप्त तरल पदार्थ दें, भाप लें और डॉक्टर से परामर्श लें.
स्वास्थ्य विभाग रखे कड़ी निगरानी
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के सीएमएचओ को सख्त निर्देश दिए हैं कि डॉक्टर, अस्पताल और मेडिकल स्टोर पर कड़ी निगरानी रखी जाए. साथ ही दवा निर्माण यूनिट्स की जांच तेज करने के आदेश भी दिए गए हैं. सरकार ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.