नारायणपुर: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में 28 नक्सलियों ने बस्तर के आईजी सुंदरराज पी व एसपी रॉबिंसन गुरिया समेत CRPF के आला अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है. सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 19 महिला और 9 पुरुष नक्सली शामिल है. यह सभी नक्सली लंबे समय से अबूझमाड़ डिवीजन में सक्रिय थे, नक्सलियों में तीन लोगों ने हथियार समेत सरेंडर किया है. इन हथियारों में एसएलआर, इंसास, और थ्री नॉट 3 गन शामिल है.
सभी नक्सलियों पर 90 लाख रुपए का ईनाम
बस्तर के आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि सरेंडर करने वाले नक्सलियों में एक डिवीसीएम (डिविजनल कमेटी मेंबर) , 6 एसीएम, एक- पीपीसीएम, 14 -पीएम ( पार्टी मेम्बर) और 6 जनताना सरकार के सदस्य थे. कुल मिलाकर सभी 28 नक्सलियों पर 90 लाख रुपए का ईनाम घोषित है.
नक्सल विरोधी अभियान के तहत जवानो के माढ़ एरिया में बढ़ते दबाव के चलते और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर लगातार नक्सली सरेंडर किया हैं. आईजी ने कहा कि नक्सलियों का सबसे मजबूत गढ़ कहे जाने वाला अबूझमाड़ एरिया अब लगभग नक्सल मुक्त होने की ओर है.
इस इलाके के 400 से ज्यादा नक्सलियों ने पिछले दो महीनो में आत्मसमर्पण किया है. इसमें सेंट्रल कमेटी मेंबर रूपेश समेत स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर राजू सलाम और अन्य ईनामी नक्सली शामिल है.
अबूझमाड़ में सिमटता जा रहा नक्सलवाद
बस्तर के आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि जिन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. यह सभी नक्सली दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी में सक्रिय होकर लंबे समय से अबूझमाड़ इलाके में काम कर रहे थे. इस इलाके के नक्सली लगातार आत्मसमर्पण करने से माओवादी संगठन कमजोर पड़ता जा रहा है.
वहीं अब शेष बचे माओवादी लीडर रामधेर, गणपति, मिशिर बेसरा, गणेश उइके, पापा राव के पास आत्मसमर्पण करना ही एक ही विकल्प बचा है. लगातार बस्तर पुलिस उनसे हथियार डालकर समर्पण करने की अपील कर रही है ,वरना अंजाम भुगतने को तैयार रहने की चेतावनी भी दी है.
आईजी का कहना है कि और भी नक्सली पुलिस के संपर्क में है, जो जल्द ही सरेंडर कर सकते हैं. जिनमें डिवीजन कमेटी के सदस्यों के साथ-साथ दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य भी शामिल है.