रायपुर: छत्तीसगढ़ में अभी कांग्रेस को एक करारा झटका लगा है, जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सचिव निवेदिता चटर्जी ने इस्तीफा दे दिया. उन्होंने लेटर लिखते हुए छत्तीसगढ़ के कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पर भी तंज कसा है. उन्होंने लेटर में संगठन में लंबे समय से उपेक्षा और जिम्मेदारी न मिलने का गंभीर आरोप लगाया है.
निवेदिता चटर्जी ने पत्र में पूछे बड़े सवाल
निवेदिता चटर्जी ने पत्र में लिखा है कि विगत एक साल का समय बहुत ही कठिन गया. मैं अकेले परिवार के पास खड़ी रही, लेकिन कोई कांग्रेसी पूछ-ताछ के लिए नहीं आया. प्रचार के लिए जवाब देती रही, मेरी मम्मी अत्यंत गंभीर टाइप के कैंसर से पीड़ित थी. जो पद मुझे साल 2014 में उसकी गरिमा क्या है? NSUI में यूथ महिला कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस में अच्छी जिम्मेदारी मिली. फिर साल 2023 तक धीरे-धीरे पद स्थिर हो गया. परंतु मेरे से छोटे और उतना अनुभवी नहीं बोलूंगी वो आगे बढ़ते गए. मैं पार्टी के लिए हूं, लेकिन पार्टी मेरे आस-पास भी नहीं दिखती है.
कोई भी जिम्मेदारी मिली अच्छे से निभाया, लेकिन मैं सचिव ही रह गई. पार्टी गलत लोगों को टिकट देती है. पर पार्टी के पद अधिकारियों को नहीं देती. खासकर मुझे. दक्षिण रायपुर क्यों हार गए. पंकज विक्रम वार्ड क्यों हार गए. प्रदेश में सचिव पद बहुत हैं, लेकिन जिम्मेदारी कुछ को ही क्यों?
दीपक बैज को भी निशाने पर लिया
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को टारगेट करते हुए निवेदिता चटर्जी ने लिखा है कि आप स्वयं मेरे सामने ब्लॉक अध्यक्ष, विधायक, सांसद और अब प्रदेश अध्यक्ष रहे. लेकिन साल 2014 से अब तक मैं सचिव ही रह गई. इससे तो मैं साधारण कार्यकर्ता ही रहूं, वो ही अच्छा है. मेरे इस सचिव पद से इस्तीफे को मंजूर करें.
अंदरूनी कलह आई सामने
निवेदिता चटर्जी के इस्तीफे के बाद छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के अंदरूनी कलह एक बार फिर सबके सामने आ गई है और उसका संगठनात्मक असंतोष फिर सबके सामने आ गया है. दीपक बैज साल 2023 में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रमुख बने थे. लेकिन उसके बाद से उनके कार्य करने के तरीके पर भी सवाल उठाए गए हैं.