छत्तीसगढ़ में ED का बड़ा एक्शन, सौम्या चौरसिया और निखिल की 2.66 करोड़ की संपत्ति कुर्क, रडार पर 35 आरोपी

Chhattisgarh Coal Levy Scam: छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी रहीं सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर की 2.66 करोड़ की संपत्ति ईडी ने कुर्क कर दी है. कार्रवाई के तहत जमीन के टुकड़े और रिहायशी फ्लैट समेत कुल 8 अचल संपत्तियों को जब्त किया गया है. ईडी ने इस संबंध में प्रेस नोट जारी कर जानकारी साझा की है.

कोल लेवी केस में ED का बड़ा एक्शन
ED द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार कोयला लेवी मामले की गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि ED ने अब तक इस घोटाले के सिलसिले में कुल ₹273 करोड़ की चल और अचल संपत्तियां अटैच की हैं. एजेंसी ने अब तक कुल 35 आरोपियों की पहचान की है, जिनमें से 11 को गिरफ्तार किया गया है. अब तक कोर्ट में पांच सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं. ED का कहना है कि यह मामला कोयला ट्रांसपोर्टेशन से जुड़े अवैध उगाही और लेवी नेटवर्क से संबंधित है, और कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है. आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और कार्रवाई होने की उम्मीद है.

35 आरोपियों के खिलाफ 5 चालान कोर्ट में पेश
ED के मुताबिक ये प्रॉपर्टी आरोपी सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी थीं. जांच में पता चला कि ये प्रॉपर्टी अवैध कोयला लेवी और दूसरी जबरन वसूली की गतिविधियों से कमाए गए पैसों से खरीदी गई थीं. ED ने अब तक इस मामले में कुल ₹273 करोड़ की संपत्ति अटैच की है. जांच में पता चला कि आरोपियों ने अवैध कोयला ट्रांसपोर्टेशन और ट्रेडिंग से जुड़ी लेवी और जबरन वसूली से भारी मात्रा में पैसा जमा किया था. इस अवैध पैसे को बाद में रियल एस्टेट में इन्वेस्ट किया गया था. ED ने इन प्रॉपर्टीज़ को “प्रोसीड्स ऑफ क्राइम” मानते हुए अटैच कर लिया है. अब तक कुल 35 आरोपियों के खिलाफ 5 चालान कोर्ट में पेश किए गए हैं.