महिला कॉन्स्टेबल को शादी का झांसा देकर…, छत्तीसगढ़ में डिप्टी कलेक्टर पर FIR

बीजापुर/बालोद: छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के एक डिप्टी कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगे हैं. एक महिला कॉन्स्टेबल ने उन पर शादी का झांसा देकर रेप और धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है. पीड़िता ने डीआईजी को पत्र लिखकर पूरे मामले की शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज की. महिला कॉन्स्टेबल का कहना है कि आरोपी अधिकारी से उसकी जान-पहचान ड्यूटी के दौरान हुई थी. बातचीत बढ़ने पर डिप्टी कलेक्टर ने शादी का वादा किया. इसी भरोसे के चलते दोनों के बीच संबंध बने लेकिन जब महिला ने शादी के लिए दबाव डाला तो अधिकारी पीछे हट गया.

फिलहाल पुलिस ने आरोपी अफसर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. आगे की कार्रवाई कोर्ट और जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी. पीड़िता का आरोप है कि अधिकारी ने न सिर्फ शादी से इंकार किया बल्कि लगातार टालमटोल करता रहा. आखिरकार महिला ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लिखित में डीआईजी को दी. पत्र मिलने के बाद अफसरों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी. जांच में प्राथमिक रूप से आरोप सही पाए गए. इसके बाद थाने में डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ FIR दर्ज की गई.

प्रशासनिक हलकों में खलबली, पीड़िता ने मांगा न्‍याय
केस में रेप और धोखाधड़ी की धाराएं लगाई गई हैं. महिला का कहना है कि अधिकारी ने उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया. पीड़िता चाहती है कि उसे इंसाफ मिले और आरोपी पर सख्त कार्रवाई की जाए. इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है. डिप्टी कलेक्टर जैसी जिम्मेदार पोस्ट पर बैठे अफसर पर ऐसे आरोप लगना चर्चा का विषय बन गया. पुलिस अफसरों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और साक्ष्यों के आधार पर होगी. पीड़िता ने अपने पत्र में लिखा है कि उसने भरोसे में आकर अधिकारी को सबकुछ सौंप दिया था. लेकिन अब उसकी जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है. महिला कॉन्स्टेबल ने कहा कि उसे न्याय चाहिए.

मामले की हर एंगल से पड़ताल
FIR दर्ज होने के बाद आरोपी डिप्टी कलेक्टर की मुश्किलें बढ़ गई हैं. पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए हैं और आगे की जांच जारी है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से पड़ताल की जा रही है. यह पहली बार नहीं है जब राज्य सेवा के किसी अधिकारी पर ऐसे आरोप लगे हों. पहले भी शादी का झांसा देकर शोषण के केस सामने आ चुके हैं. लेकिन इस बार पीड़िता खुद पुलिस विभाग की कर्मचारी है, इसलिए मामला और गंभीर हो गया है.