छत्तीसगढ़ में जमीन की कीमतों में सौ फीसद तक उछाल, यहां देखें इलाकों के नाम, गाइडलाइन जारी

रायपुर: लगभग आठ महीने बाद छत्तीसगढ़ में नई कलेक्टर गाइडलाइन 20 नवंबर से लागू हो गई. संशोधन में देरी के कारण इसे 1 अप्रैल से बढ़ाकर अब लागू किया गया. रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और अंबिकापुर में जमीन के भाव 10% से 100% तक बढ़ गए हैं. 2018-19 के बाद पहली बार हुए इस बड़े बदलाव से प्लॉट, फ्लैट और मकान की कीमतें तथा रजिस्ट्री लागत सीधे बढ़ेगी.

जमीन की कीमतों में तेज उछाल
नई कलेक्टर गाइडलाइन लागू होते ही रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई समेत कई जिलों में जमीन के सरकारी भाव में 10% से 100% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 2018 से स्थिर पड़े सरकारी भाव और बाजार कीमतों के बीच बढ़ रहे फासले को पाटने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है. अब कई इलाकों में रजिस्ट्री का खर्च भी बढ़ गया है.

बायपास और मुख्य सड़क की कीमत अब एक समान
राज्य में पहली बार बायपास सड़कों को भी मुख्य सड़क की श्रेणी में शामिल कर नई कीमतें तय की गई हैं. पहले एक ही सड़क के दोनों ओर जमीन की कीमतों में अंतर रहता था, लेकिन अब नई गाइडलाइन के तहत सभी ओर दरें समान होंगी. यह वार्ड परिसीमन पर आधारित है, जिससे कई वार्डों में जमीन के नए भाव तय हुए हैं.

आउटर इलाकों में 20% तक कीमत बढ़ी
सेजबहार, सड्डू, कचना, भाठागांव, सरोना, बीरगांव, पचपेड़ीनाका, टाटीबंध और रिंग रोड क्षेत्रों में जमीन 20% तक महंगी हो गई है. यहां पहले 15 से 20 लाख में मिलने वाले प्लॉट अब 1 से 3 लाख रुपए तक अधिक कीमत में मिलेंगे. आउटर में घर खरीदने वालों की जेब पर इसका बड़ा असर पड़ेगा.

शहर के प्रमुख बाजारों में भी रेट में बढ़ोतरी
रायपुर शहर के जयस्तंभ चौक, कोतवाली चौक, महोबाबाजार, स्टेशन रोड, गुढियारी, सदरबाजार, शंकरनगर, मौदहापारा, फाफाडीह, माना, डूंडा और मुजगहन जैसे इलाकों में गाइडलाइन 10 – 20% तक बढ़ाई गई है. इससे व्यापारी, बिल्डर और मकान खरीदने वालों के लिए लागत बढ़ जाएगी.

रजिस्ट्री शुल्क भी बढ़ा, 20 लाख की जमीन पर 2 लाख तक खर्च
नई गाइडलाइन लागू होने से रजिस्ट्री की कुल लागत बढ़ गई है. जमीन की कीमत के साथ 5.5% स्टांप ड्यूटी, 1% पंचायत उपकर और 1% निगम ड्यूटी भी देनी पड़ती है. उदाहरण के रूप में 20 लाख की जमीन खरीदने पर अब करीब 2 लाख रुपए रजिस्ट्री शुल्क में खर्च होने लगेंगे. कीमत बढ़ने का सीधा असर आम नागरिकों और होम लोन लेने वालों पर पड़ेगा.