छत्तीसगढ़ में शिमला जैसी ठंड! सर्द हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपी, 4 डिग्री तक गिरेगा तापमान, अगले 72 घंटे रहें सावधान

रायपुर : छत्तीसगढ़ में ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने प्रदेश में कंपकंपी बढ़ा दी है. मौसम विभाग अनुसार अलगे 72 घंटों के दौरान प्रदेश के तापमान में और अधिक गिरावट आने की संभावना है, जिससे कड़ाके की सर्दी का दौर और तेज होगा. न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है. जिस वजह से सुबह और शाम में कड़ाके की ठंड महसूस की जाएगाी. वहीं कुछ इलाकों में कोहरे का भी असर देखने को मिलेगा.

कहां रहेगा सबसे ज्यादा असर
वर्तमान में ठंड का सबसे ज्यादा असर उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में देखा जा रहा है, जहां कड़ाके की ठंड से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. अंबिकारपुर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 3.5 डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है. पेंड्रा और अमरकंटक जैसी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बारी गिरावट दर्ज की गई है, जहां पारा 7 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है.

दुर्ग संभाग में ठंडी का सितम
राजधानी रायपुर और दुर्ग संभाग में भी सर्दी का सितम जारी है, यहां रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से 12 डिग्री सेल्सियस रहने से सुबह और शाम को भारी ठिठुरन महसूस की जा रही है.

कोहरे ने बढ़ाई परेशानी
प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में कोहरे का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है. सरगुजा और बिलासपुर संभाग में सुबह के समय घना कोहरा छा रहा. जिसकी वजह से कई जगहों पर विजिबिलिटी महज 200 से 500 मीटर तक रह गई, जिससे नेशनल हाईवे पर गाड़ी चलाना जोखिम भरा हो गया. वहीं मौदानी इलाके में हल्का से मध्यम कोहरा देख जा रहा है.

रायपुर का मौसम
राजधानी रायपुर में 5 जनवरी को धुंध छाए रहने के आसार हैं. यहां का अधिकतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस और न्यनतम तापमान करीब 15 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.

मौसम का हाल
मौसम विभाग की ओर से फिलहाल प्रदेश के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है. वहीं आगामी दो दिनों के बाद के पूर्वानुमान में भी किसी विशेष मौसमी गतिविधि की संभावना नहीं जताई गई है. मौसम सामान्य रूप से शुष्क बना रहने की उम्मीद है.

मौसम रहेगा शुष्क
प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है. वर्षा के मुख्य आंकड़े शून्य रहे. साथ ही वर्तमान में किसी भी प्रकार का साइनों सिस्टम सक्रिय नहीं है, जिसके चलते प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है.