Ramadan 2026: इस्लाम का सबसे पाक महीना शुरू हो गया है. आज पाक महीने का पहला जुमे की नमाज अदा की जाएगी. रमजान की शुरुआत के साथ कई राज्य सरकारों ने मुस्लिम कर्मचारियों को खास सुविधाएं देने का फ़ैसला किया है. छत्तीसगढ़ सरकार ने रोजा रखने वाले मुस्लिम सरकारी कर्मचारियों को एक घंटा पहले काम छोड़ने की इजाजत दी है ताकि वे नमाज और इफ़्तार की बेहतर तैयारी कर सकें.
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सभी धर्मों और समुदायों की आस्था का सम्मान करती है. उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के विज़न को भी दिखाता है. उनका मानना है कि ऐसे फ़ैसलों से समाज में मेलजोल और भरोसा मजबूत होता है.
तेलंगाना में भी दी गई छूट
छत्तीसगढ़ से पहले तेलंगाना सरकार ने भी रमज़ान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को राहत दी थी. तेलंगाना सरकार ने एक आदेश जारी कर कहा था कि राज्य के सभी मुस्लिम सरकारी कर्मचारी रमज़ान के दौरान शाम 4 बजे ऑफ़िस से निकल सकते हैं. यह छूट 19 फरवरी से 20 मार्च तक लागू रहेगी. हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि यह छूट इमरजेंसी सर्विस या ज़रूरी काम पर लागू नहीं होगी. यह ऑर्डर सरकारी डिपार्टमेंट, स्कूल, बोर्ड, कॉर्पोरेशन और पब्लिक सेक्टर की कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों पर लागू होगा.
जानें ऑर्डर में क्या कहा गया?
तेलंगाना के चीफ सेक्रेटरी के. रामकृष्ण राव के जारी ऑर्डर में कहा गया है कि कर्मचारियों को रमजान के दौरान नमाज के लिए समय मिले, इसलिए काम के घंटों में यह छूट दी जा रही है. इसके अलावा, एजुकेशन डिपार्टमेंट ने उर्दू मीडियम स्कूलों को भी अपने काम के घंटे सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक बदलने का निर्देश दिया है ताकि रोज़े के दौरान स्टूडेंट्स और टीचरों को आसानी हो सके.
आंध्र प्रदेश सरकार ने भी किया है बड़ा फैसला
इसी तरह, आंध्र प्रदेश सरकार ने रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटा पहले छुट्टी देने का फैसला किया है. यह ऑर्डर 18 फरवरी से 19 मार्च, 2026 तक लागू रहेगा। सरकार ने कहा कि यह फैसला माइनॉरिटी वेलफेयर डिपार्टमेंट के सुझाव पर कर्मचारियों को नमाज़ और इफ्तार में शामिल होने में आसानी के लिए लिया गया था. हालांकि, सरकार ने यह भी साफ किया कि इससे सरकारी काम पर कोई असर नहीं पड़ेगा और इमरजेंसी सर्विस के लिए कोई छूट नहीं दी जाएगी.