जयपुर: राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने और आमजन के जीवन को सुगम बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार का नया विजन ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ पर केंद्रित है। इस मास्टरप्लान के तहत प्रदेश में अनावश्यक लाइसेंस राज और एनओसी के अंतहीन चक्करों को खत्म किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के इन निर्देशों से न केवल व्यापारियों की चांदी होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
इस बड़े फैसले से प्रदेश को क्या-क्या फायदे होंगे?
1. 24×7 खिलेगी अर्थव्यवस्था: रात में भी गुलजार रहेंगे बाजार
भजनलाल सरकार ने सबसे बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव है सभी प्रतिष्ठानों को 24 घंटे और सातों दिन खोलने की अनुमति। इससे नाइट लाइफ और टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। देर रात तक काम करने वाले युवाओं और यात्रियों को सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, शिफ्टों में काम होने से व्यापारिक टर्नओवर कई गुना बढ़ जाएगा।
2. लाइसेंस राज की विदाई: ‘डीम्ड लाइसेंसिंग’ का कमाल
दुकानों और वाणिज्यिक संस्थानों के लिए अब आजीवन पंजीकरण का प्रस्ताव है। अब व्यापारियों को हर साल या कुछ सालों में लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए सरकारी दफ्तरों की चौखट नहीं घिसनी होगी। डीम्ड लाइसेंसिंग का मतलब है कि आपने सूचना दी और आपका काम हो गया। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
3. सिंगल पॉइंट कॉन्टेक्ट: एक खिड़की पर सब समाधान
भू-उपयोग, भवन निर्माण और श्रम विभाग से जुड़ी मंजूरियों के लिए अब अलग-अलग चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। एक ही जगह से सभी अप्रूवल मिलने से समय की भारी बचत होगी। जो प्रोजेक्ट्स कागजी प्रक्रियाओं में महीनों लटके रहते थे, वे अब हफ्तों में धरातल पर उतरेंगे।
4. ‘स्वघोषणा’ पर बिजली कनेक्शन: अब इंस्पेक्टर राज खत्म
कम जोखिम वाली श्रेणियों में अब बिजली कनेक्शन के लिए फील्ड निरीक्षण की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। उपभोक्ता की ‘स्वघोषणा’ पर ही बिजली कंपनियां कनेक्शन जारी कर देंगी। इससे नए उद्योग लगाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी और काम शुरू करने में देरी नहीं होगी।
5. रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
जब बाजार 24 घंटे खुलेंगे और नए उद्योग शुरू करना आसान होगा, तो सीधे तौर पर युवाओं के लिए नौकरियों की बाढ़ आएगी। नाइट शिफ्ट्स के लिए अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत होगी, जिससे सेवा क्षेत्र में उछाल आएगा। सरकार का यह कदम राजस्थान को देश के अग्रणी निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करेगा। अनावश्यक एनओसी और लालफीताशाही खत्म होने से छोटा व्यापारी भी बिना किसी डर के अपना कारोबार बढ़ा सकेगा। भजनलाल सरकार का यह सही मायने में ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ की दिशा में बढ़ा कदम है।