हरियाणा सरकार ने राजस्व अधिकारियों (DRO) और तहसीलदारों को हरियाणा सिविल सर्विस (HCS) में पदोन्नति देने की प्रोसेस शुरू कर दी है. मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा को पत्र जारी किया है. पत्र के अनुसार, HCS के कुल 12 पदों को भरा जाना है, जिनमें से 3 पद दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रहेंगे. चयन के लिए मेरिट सूची के आधार पर पात्र उम्मीदवारों के पांच गुना नाम भेजे जाएंगे.
इन नामों पर मांगी क्लीयरेंस
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि चयन प्रक्रिया 22 दिसंबर 2017 को तय मानदंडों के अनुसार की जाए, जबकि साल 2019 में सरकार ने DDPO और BDPO अधिकारियों से 11 पदों की भर्ती के दौरान नए मानदंड लागू किए थे, जिससे इस बार कुछ विवाद की संभावना भी जताई जा रही है. डॉ. सुमिता मिश्रा ने सात अधिकारियों डीआरओ डॉ. कुलदीप सिंह, चेतना चौधरी, तरुण सहोता, अभिषेक बिबियां, विजय कुमार, और तहसीलदार वीरेंद्र कुमार तथा कुलदीप कृष्ण शर्मा के नाम मुख्य सचिव को भेजकर विजिलेंस क्लीयरेंस मांगी है.
अनुभव को मिलाकर अंक दिए जाएंगे.
नए नियमों के अनुसार, चयन प्रक्रिया में उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) और सेवा अनुभव को मिलाकर अंक दिए जाएंगे. सेवा के बाद प्राप्त डिग्रियों को 100% और सेवा से पहले की योग्यता को 50% वेटेज मिलेगा. साथ ही, उत्कृष्ट एसीआर के लिए 8.75 अंक और वेरी गुड रिपोर्ट के लिए 7 अंक तक दिए जाएंगे. इस प्रक्रिया से योग्य और अनुभवी राजस्व अधिकारियों को HCS कैडर में पदोन्नति का अवसर मिलेगा, जिससे राज्य प्रशासन में दक्षता और अनुभव का संतुलन और मजबूत होने की उम्मीद है.