चंडीगढ़. प्रदेश सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है. आज हुई कैबिनेट बैठक में ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ को लागू करने की मंजूरी दे दी गई है. यह योजना प्रदेश में 25 सितंबर 2025 से लागू होगी.योजना के तहत महिलाओं को हर माह 2100 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी. पहले चरण में इस योजना का लाभ उन महिलाओं को मिलेगा जिनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये तक है. इसमें विवाहित और अविवाहित दोनों प्रकार की महिलाएं शामिल होंगी.
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ पाने के लिए महिला या उसके पति का प्रदेश में कम से कम 15 साल निवास होना अनिवार्य है. प्रशासन का कहना है कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगी.
कैबिनेट मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज प्रेस वार्ता कर बताया कि विधानसभा सत्र खत्म होने के अगले ही दिन केवल एक एजेंडा के लिए मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई. बैठक में महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ को मंजूरी दी गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गरीबों और जरूरतमंदों के हित में लगातार कल्याणकारी योजनाएँ चला रही है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत के चार स्तंभों में महिलाओं की अहम भूमिका को रेखांकित किया है. केंद्र सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार नई योजनाएँ लागू कर रही है और हरियाणा सरकार भी उसी दिशा में काम कर रही है. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान जारी संकल्प पत्र को उनकी सरकार गीता के समान मानती है और उसमें किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं.
25 सितंबर 2025 से इस योजना का शुभारंभ
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी की जयंती पर, यानी 25 सितंबर 2025 से इस योजना का शुभारंभ होगा. योजना के तहत 23 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को हर माह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी. इसमें विवाहित और अविवाहित दोनों प्रकार की महिलाएं शामिल होंगी.
योजना की प्रमुख विशेषताएँ:
पहले चरण में उन परिवारों को शामिल किया गया है, जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये तक है.
आने वाले समय में अन्य आय समूहों को भी चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जाएगा.
लाभ लेने के लिए अविवाहित महिला का या विवाहित महिला के पति का हरियाणा में 15 साल का मूल निवासी होना जरूरी है.
एक परिवार में महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा. अगर एक परिवार में 3 महिलाएं हैं, तो तीनों को लाभ मिलेगा.
सरकार द्वारा पहले से चलाई जा रही 9 ऐसी योजनाओं में, जिनमें आवेदिका को अधिक पेंशन मिल रही है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
कैंसर स्टेज-3 और 4 मरीजों, 54 दुर्लभ बीमारियों, हीमोफिलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल से पीड़ित महिलाओं को पहले से मिल रही पेंशन के अतिरिक्त इस योजना का भी लाभ मिलेगा.
45 वर्ष की आयु पूरी करने पर अविवाहित महिला ऑटोमैटिक विधवा/निराश्रित महिला पेंशन योजना की पात्र बन जाएगी.
60 वर्ष की आयु पूरी होने पर लाभार्थी महिला वृद्धावस्था पेंशन योजना की पात्र हो जाएगी.
पहले चरण में 19-20 लाख महिलाओं को लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में लगभग 19 से 20 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा. कैबिनेट की मंजूरी के बाद अगले 6-7 दिनों में इसका गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा और एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा. इस ऐप के जरिए पात्र महिलाएं घर बैठे आवेदन कर सकेंगी. सरकार सभी संभावित लाभार्थियों को एसएमएस भेजकर आवेदन करने के लिए प्रेरित करेगी. साथ ही पंचायतों और वार्डों में लाभार्थियों की सूची प्रकाशित की जाएगी और ग्राम सभाओं व वार्ड सभाओं को सूची पर आपत्ति दर्ज करने का अधिकार होगा. मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह योजना प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी.
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